‘बच्चे क्यों लगा रहे हैं झाड़ू?’ सरकारी स्कूल में बच्चों से सफाई कराने पर भड़के दीपके, शिक्षकों से पूछे तीखे सवाल
महाराष्ट्र के हिंगोली सरकारी स्कूल में बच्चों से झाड़ू लगवाने पर CJP के अभिजीत दिपके ने सवाल उठाए। गंदे पानी और बदहाल सुविधाओं पर भी जताई नाराजगी।
School Thik Karo Campaign: सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ‘School Thik Karo’ अभियान लगातार चर्चा में है। मंगलवार को CJP संस्थापक अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के अपने पैतृक क्षेत्र पहुंचे और सरकारी स्कूलों का जायजा लिया। इस दौरान एक स्कूल में बच्चों से कक्षा की सफाई कराने का मामला सामने आया, जिस पर दीपके ने शिक्षकों से सीधे सवाल किया।
हिंगोली के ढेगज गांव स्थित सरकारी स्कूल के दौरे के दौरान दीपके को पता चला कि छात्र खुद ही अपनी कक्षा में झाड़ू लगाते हैं। इसका वीडियो भी सामने आया है। दीपके ने शिक्षकों से सवाल करते हुए पूछा कि जब स्कूल में सफाई कर्मचारी मौजूद हैं तो बच्चों से कक्षा की सफाई क्यों कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि बच्चों से इस तरह सफाई कराना पूरी तरह गलत है। हालांकि शिक्षकों ने दावा किया कि उन्होंने छात्रों को सफाई करने के लिए नहीं कहा। इस पर दीपके ने सवाल उठाया कि बच्चे अपने आप कक्षा में झाड़ू लगाने क्यों लगेंगे।
दीपके ने गांव के लोगों से भी अपील की कि वे ऐसी व्यवस्था दोबारा न होने दें। उन्होंने कहा कि स्कूल में बच्चों को पढ़ाई और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए, न कि उनसे सफाई का काम कराया जाना चाहिए।
बच्चों ने गिनाईं अपनी जरूरतें
स्कूल में बातचीत के दौरान छात्रों ने अपनी समस्याएं भी CJP संस्थापक के सामने रखीं। एक छात्र ने कहा कि उन्हें नोटबुक, पेन और जूते चाहिए। दीपके ने इन जरूरतों को पूरा कराने का आश्वासन दिया।
उन्होंने स्कूल में नई ट्यूबलाइट और ब्लैकबोर्ड लगाने की भी बात कही। उनका कहना था कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।
दूसरे स्कूल में गंदे पानी का मुद्दा
दीपके ने जिले के सिद्धेश्वर गांव स्थित एक अन्य सरकारी स्कूल का भी दौरा किया। यहां उन्होंने स्कूल में साफ पानी की समस्या का दावा किया। उनके मुताबिक स्कूल में पानी का फिल्टर मौजूद है, लेकिन वह करीब तीन साल से इस्तेमाल नहीं हुआ है।
दीपके ने आरोप लगाया कि बच्चे गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने स्कूल की इमारत की स्थिति पर भी सवाल उठाया। उनके मुताबिक बारिश के दौरान स्कूल का टिन शेड लीक करता है और पानी से बचने के लिए बच्चों को एक-दूसरे के करीब बैठना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि छात्रों के अनुसार बारिश के दौरान शिक्षक उन्हें दूसरे कमरे में भेज देते हैं।
ग्रामीणों ने खर्च किए 10-12 लाख रुपये
CJP संस्थापक ने दावा किया कि स्कूल की चारदीवारी और दूसरी सुविधाओं के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने अपनी जेब से करीब 10 से 12 लाख रुपये खर्च किए।
इसी मुद्दे पर दीपके ने सरकार की व्यवस्था पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर गांव के लोगों को ही स्कूल की बुनियादी सुविधाओं के लिए पैसा खर्च करना पड़े, तो फिर सरकार और चुनाव की जरूरत क्या है।
दीपके ने कहा कि अगर ग्रामीण अपने स्तर पर ही स्कूल और सुविधाएं संभाल सकते हैं तो सरकार की जिम्मेदारी आखिर क्या रह जाती है।
‘School Thik Karo’ अभियान के जरिए सरकारी स्कूलों पर फोकस
CJP ने हाल ही में ‘School Thik Karo’ अभियान शुरू किया है। पार्टी का दावा है कि इस अभियान के जरिए सरकारी स्कूलों में मौजूद बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों की समस्याओं, स्वच्छता, पेयजल और स्कूल भवनों की स्थिति को सामने लाया जाएगा।
हिंगोली के इन स्कूलों के दौरे के दौरान दीपके ने बच्चों की जरूरतों और स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए। अब देखना होगा कि उनके आरोपों और सामने आई समस्याओं पर स्थानीय प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।