Gulmarg Gondola Tragedy: सेना और SDRF ने संभाला मोर्चा, अब तक 184 पर्यटक सुरक्षित निकाले गए
Gulmarg Gondola Tragedy: GOC 19 डिविजन मेजर जनरल मनोज जोशी ने जारी किए आंकड़े; विपरीत मौसम में सेना की बुटापाथरी बटालियन और CATs टीमों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
Gulmarg Gondola Tragedy: गुलमर्ग गोंडोला केबल कार सिस्टम में एक तकनीकी खराबी आने के कारण सोमवार को बेस स्टेशन और फेज-1 (कोंगदोरी) के बीच सेवाएं अचानक निलंबित हो गईं। खराब मौसम और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच इस खराबी के कारण कई पर्यटक केबल कारों में फंस गए।
जम्मू-कश्मीर पुलिस और गोंडोला प्रबंधन प्राधिकरण से पर्यटकों की सुरक्षा और उन्हें निकालने के संबंध में मिले संकट संदेश (Distress Call) के बाद भारतीय सेना तुरंत हरकत में आई और प्रभावित क्षेत्र में अपनी बचाव टीमें जुटा दीं।
भारतीय सेना का ग्राउंड एक्शन
कैजुअल्टी असिस्टेंस टीमें (CATs): सेना की बुटापाथरी बटालियन ने स्थिति को संभालते हुए गोंडोला बेस स्टेशन और फेज-1 के बीच तुरंत तीन कैजुअल्टी असिस्टेंस टीमें तैनात कीं।
ऑल-टेरेन व्हीकल्स (ATV) का उपयोग: दुर्गम इलाके और खराब मौसम में तेजी से बचाव कार्य करने के लिए सेना ने अपने स्वयं के ऑल-टेरेन व्हीकल्स (ATV) को आगे की लोकेशन पर तैनात किया
इसके साथ ही, नागरिक प्रशासन, SDRF, जम्मू-कश्मीर पुलिस और गुलमर्ग एटीवी एसोसिएशन के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त एटीवी की व्यवस्था की गई ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन को गति दी जा सके।
GOC 19 डिविजन मेजर जनरल मनोज जोशी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़े (शाम 18:30 बजे तक)
रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे 19 डिविजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल मनोज जोशी द्वारा शाम 18:30 बजे तक जारी की गई आधिकारिक स्थिति के अनुसार आंकड़े निम्नलिखित हैं:
गोंडोला प्राधिकरण की तकनीकी टीमें खराबी के सटीक कारणों और उसके विस्तार का आकलन करने में जुटी हुई हैं, वहीं भारतीय सेना, SDRF और अन्य सहयोगी एजेंसियों का संयुक्त राहत एवं बचाव कार्य मौके पर लगातार जारी है।