Ram Lalla कांड पर मोहन भागवत का मौन व्रत! सवाल सुनते ही जोड़े हाथ, बोले- 'राम-राम'
Mohan Bhagwat on Ram Mandir Scam: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के विवाद पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सिर्फ 'राम-राम' कहकर चुप्पी साध ली है, जबकि दत्तात्रेय होसबाले ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
Mohan Bhagwat on Ram Mandir Scam: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी और महाघोटाले को लेकर इस समय पूरे देश की राजनीति में भूचाल आया हुआ है. इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर जहां चारों तरफ तीखी बहस छिड़ी है, वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने इस पूरे विवाद पर कुछ भी बोलने से पूरी तरह परहेज किया है. नागपुर में जब मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेरकर रामलला के दरबार में हुई इस चंदा चोरी और भक्तों की आस्था को कमजोर करने की साजिशों पर सीधा सवाल दागा, तो भागवत ने किसी भी विवादित बयान से बचते हुए हाथ जोड़कर केवल 'राम-राम' कहा और मुस्कुराते हुए आगे निकल गए.
होसबाले जता चुके हैं भारी आक्रोश
मोहन भागवत की यह रहस्यमयी चुप्पी इसलिए भी चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि इसके ठीक 1 दिन पहले संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने इस पूरे घोटाले पर अपना भारी गुस्सा जाहिर किया था. होसबाले ने इस चंदा चोरी को करोड़ों राम भक्तों और पूरे सनातनी समाज की पवित्र आस्था पर एक बहुत गहरी और दर्दनाक ठेस बताया था. उन्होंने जांच एजेंसियों से मांग की थी कि इस घिनौने अपराध में शामिल सभी दोषियों को ढूंढकर उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और उन्हें ऐसी कड़ी सजा मिलनी चाहिए जो एक मिसाल बन सके.
हिंदू धर्म को बदनाम करने की साजिश
दत्तात्रेय होसबाले ने यह बड़ा दावा भी किया था कि कुछ देशविरोधी और हिंदू विरोधी ताकतें इस दुर्भाग्यपूर्ण चोरी का फायदा उठाकर पूरे सनातन धर्म की छवि को दुनिया के सामने खराब करने की फिराक में जुटी हुई हैं. उन्होंने देश के पूरे हिंदू समाज से भावुक अपील करते हुए कहा था कि इस संकट की घड़ी में सभी लोग पूरी तरह से धैर्य और संयम बनाए रखें, ताकि विरोधियों के ऐसे नापाक मंसूबों को समय रहते नाकाम किया जा सके. होसबाले का कहना था कि संघ और पूरे समाज की राम मंदिर ट्रस्ट से यह स्वाभाविक उम्मीद है कि वे इस शर्मनाक घटना को एक बेहद गंभीर मामला मानते हुए मंदिर के प्रबंधन और सुरक्षा में रह गई सभी कमियों को तुरंत ठीक करें.
संघ के शताब्दी वर्ष पर 100 वीडियो लॉन्च
इस सियासी उठापठक के बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत नागपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम का हिस्सा बने थे. वे यूट्यूब वीडियो श्रृंखला 'डॉ. हेडगेवार: आधुनिक युग के शालिवाहन' के सार्वजनिक प्रसारण के मौके पर बोल रहे थे. इस दौरान भागवत ने संघ के शताब्दी समारोह के पावन अवसर पर देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले 100 प्रचारकों की जीवनगाथा पर आधारित विशेष वीडियो भी जारी किए. कार्यक्रम में भागवत ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि दुनिया के तमाम देशों से लोग आज संघ के अनुशासन और उसकी कार्यप्रणाली को बहुत करीब से देखने और समझने के लिए भारत आ रहे हैं.
पर्दे के पीछे से कंट्रोल करने का दावा खारिज
मोहन भागवत ने इस आम धारणा को पूरी तरह से सिरे से खारिज करने का प्रयास किया कि आरएसएस अपने स्वयंसेवकों से जुड़े सभी सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को पर्दे के पीछे से रिमोट कंट्रोल की तरह संचालित या नियंत्रित करता है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लोग अक्सर यह बहुत बड़ी गलतफहमी पाल लेते हैं कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे संगठनों की कमान सीधे नागपुर या संघ के केंद्रीय नेतृत्व के हाथों में होती है, जबकि हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं है. संघ केवल इंसानों के भीतर अच्छे संस्कार डालने का काम करता है.
पांचों महाद्वीपों से आ रहे हैं लोग
RSS की ताकत और उसकी कार्यशैली का बखान करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि एक अच्छे और आदर्श इंसान के निर्माण की जो बेजोड़ पद्धति संघ के पास है, वैसी कला पूरी दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलती. उन्होंने गर्व से बताया कि आज दुनिया के पांचों महाद्वीपों से लोग भारत आ रहे हैं और संघ के सेवा कार्यों को देखकर अचंभित हैं. विदेशी मेहमान हमसे यह भी पूछते हैं कि क्या आरएसएस उनके देशों के युवाओं को भी इसी तरह का अनुशासित और देशभक्ति का विशेष प्रशिक्षण दे सकता है ताकि वे अपने राष्ट्र का निर्माण कर सकें. भागवत ने अंत में कहा कि हमारा एकमात्र लक्ष्य देश को विजयी बनाना और धर्म की रक्षा करना है.