DIG ने एक झटके में 10 दारोगा किए सस्पेंड! वजह जान कर रह जाएंगे दंग, थाने में कर रहे थे ऐसी हरकत
Bihar Police Suspension: बिहार के कोसी रेंज में DIG कुमार आशीष ने दलाल-पुलिस गठजोड़ के आरोप में 10 दारोगाओं को सस्पेंड कर दिया। जांच में गोपनीय केस डायरी, सरकारी फाइलें और लैपटॉप बरामद होने के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
Bihar Police Suspension: बिहार के कोसी रेंज से कानून व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे सूबे के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है. सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले में तैनात पूरे 10 दारोगा को तत्काल प्रभाव से नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया है. कोसी रेंज के तेजतर्रार डीआईजी कुमार आशीष ने यह कड़ा एक्शन सरकारी जांच प्रक्रिया को पूरी तरह प्रभावित करने और थानों में एक शातिर दलाल के साथ मिलकर अवैध सिंडिकेट चलाने के संगीन आरोपों में लिया है. डीआईजी ने न सिर्फ इन सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है, बल्कि इन सभी के खिलाफ बेहद सख्त विभागीय कानूनी जांच शुरू करने के कड़े निर्देश भी जारी कर दिए हैं.
आधी रात को DIG ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे महाघोटाले की पटकथा सहरसा जिले के सलखुआ थाना इलाके से शुरू हुई थी. दरअसल, कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक खुफिया वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हुआ था. इस वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा था कि कैसे पुलिस की बेहद गोपनीय और आंतरिक जांच प्रक्रियाओं के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है. जैसे ही यह वीडियो डीआईजी कुमार आशीष के मोबाइल तक पहुंचा, उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक उच्च स्तरीय गुप्त जांच कमेटी का गठन कर दिया और इस खेल के पीछे छिपे किरदारों को ढूंढने का जिम्मा सौंपा.
लैपटॉप और गोपनीय फाइलें बरामद
पुलिस की विशेष जांच टीम ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर तैर रहे वीडियो में दिख रहे संदिग्ध चेहरे की बारीकी से पहचान की. इसके तुरंत बाद जाल बिछाकर उस शख्स को धर दबोचा गया, जिसकी पहचान सलखुआ थाना क्षेत्र के बहुरउवा गांव के रहने वाले सतीश कुमार के रूप में हुई है. जब पुलिस ने सतीश की तलाशी ली, तो वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया. इस दलाल के पास से पुलिस की बेहद गोपनीय केस डायरी, कई थानों की सरकारी फाइलें और एक हाईटेक लैपटॉप बरामद किया गया, जिसमें पुलिस तफ्तीश का पूरा ब्यौरा दर्ज था.
10 पुलिस अफसरों पर गिरी गाज
पूछताछ में यह बेहद हैरान करने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी सतीश कुमार की सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के कई थानों में तैनात दारोगाओं से गहरी सांठगांठ थी. वह दिन-रात बेखौफ होकर थाने में ही डेरा जमाए रखता था और सीधे फरियादियों से मोटी रकम वसूलकर पुलिस की जांच को पूरी तरह बदल देता था. इतना ही नहीं, वह खुद बैठकर पुलिस की असली केस डायरी लिखता था. इस घिनौने अपराध में शामिल सलखुआ के थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह, सुवेलाल पासवान, पंकज कुमार, जूही कुमारी, शिशुपाल रविदास, अरमोद कुमार, चन्द्रजीत प्रभाकर, पिंकी कुमारी, मनीषा कुमारी और घैलाढ़ के थाना अध्यक्ष ज्योतिष कुमार को डीआईजी ने तुरंत सस्पेंड कर दिया.
DGP के निर्देश पर चक्रव्यूह ध्वस्त
डीआईजी कुमार आशीष ने साफ शब्दों में बताया कि राज्य के डीजीपी के सख्त आदेश पर यह पूरी कार्रवाई की गई है. पकड़ा गया मुख्य आरोपी पुलिस की छवि को पूरी तरह मिट्टी में मिला रहा था, जिसे अब जेल भेजने की कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. डीआईजी ने कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि खाकी वर्दी की आड़ में इस तरह की गैर-कानूनी और भ्रष्ट गतिविधियों को महकमे में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस कार्रवाई के बाद से पूरे कोसी रेंज के थानों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है.