CBSE 12th result Controversy: 12वीं रिजल्ट विवाद ने पकड़ा तूल, सिस्टम की गड़बड़ी पर राहुल गांधी और शिक्षा मंत्री में तीखी जंग
CBSE 12th result Controversy: सीबीएसई 12वीं परीक्षा परिणाम और ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर बड़ा विवाद सामने आया है। राहुल गांधी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच तीखी बयानबाजी के साथ यह मामला राजनीतिक रूप ले चुका है।
CBSE 12th result Controversy: सीबीएसई की 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम और ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। मामला अब राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है।
धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणियां लगातार चुनावी हार से उपजी निराशा को दिखाती हैं। प्रधान ने राहुल गांधी पर भारत की तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अक्सर ईवीएम, डिजिटल इंडिया और कई सरकारी योजनाओं का विरोध करते रहे हैं। उनके अनुसार, राहुल गांधी इस समय ऐसी स्थिति में हैं जहां वे देश की प्रगति के साथ खड़े नहीं दिखते। प्रधान ने यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ सकता है।
राहुल गांधी का पलटवार
वहीं राहुल गांधी ने भी इस मामले पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का यह बयान उन्हें 18.5 लाख छात्रों की आवाज उठाने से नहीं रोक सकता। राहुल गांधी ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें गंभीर खामियां सामने आई हैं। उन्होंने एक कंपनी को दिए गए ठेके पर भी सवाल उठाया और कहा कि उसका बैकग्राउंड सही तरीके से जांचा नहीं गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि या तो जांच ठीक से नहीं हुई या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार को पहले से जानकारी थी और फिर भी कदम नहीं उठाए गए, तो यह गंभीर लापरवाही है।
सरकार ने गड़बड़ियों को स्वीकार किया
इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी स्वीकार किया कि परीक्षा परिणामों में कुछ गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस स्थिति की जिम्मेदारी लेती है और सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधान ने आश्वासन दिया कि किसी भी छात्र की शिकायत को अनसुना नहीं किया जाएगा और सभी मामलों की जांच की जाएगी।
पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि सीबीएसई ने 12वीं कक्षा के लिए पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की निगरानी के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास जैसी प्रमुख संस्थाओं को भी शामिल किया गया है।
छात्रों के भविष्य पर फोकस
सरकार ने कहा है कि इस पूरे मामले में सबसे अहम प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है। किसी भी तरह की तकनीकी या मूल्यांकन त्रुटि को सुधारने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। फिलहाल यह विवाद राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।