दोबारा आंदोलन की तैयारी में CJP? 24 अगस्त की बैठक में होगा बड़ा फैसला, केंद्र को चेतावनी
CJP Protest 24 August Meeting: : CJP ने 24 अगस्त को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बुलाई है। सरकार के आश्वासनों, FIR और NEET मुद्दे की समीक्षा होगी। जानें क्या फिर शुरू होगा आंदोलन।
CJP Protest 24 August Meeting: जंतर-मंतर के लंबे आंदोलन के बाद शांत हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब एक बार फिर सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने का संकेत दे रही है। CJP ने सोमवार, 24 अगस्त को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बुलाई है। इसमें 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेते समय केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों की समीक्षा होगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी। संगठन ने साफ कर दिया है कि दोबारा राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन का विकल्प खुला है।
25 जुलाई के वादे पर सरकार से हिसाब मांगेगी CJP
CJP का आरोप है कि सरकार के प्रतिनिधियों ने बातचीत के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों से जुड़े कई मुद्दों पर लिखित आश्वासन दिए थे, लेकिन आंदोलन वापस लेने के करीब एक महीने बाद भी सरकार ने औपचारिक तौर पर यह नहीं बताया कि उन वादों को लागू करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
संगठन का कहना है कि उसने सरकार की बात पर भरोसा करके आंदोलन रोका था। अब अगर आश्वासन टालने, कमजोर करने या उनकी नई व्याख्या करने की कोशिश हुई तो इसे युवाओं के साथ 'विश्वासघात' माना जाएगा।
FIR पर सबसे बड़ा टकराव:
इस पूरे विवाद का केंद्र छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR हैं। CJP ने आरोप लगाया है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के सामने इन मामलों की समेकित सूची उपलब्ध कराने में देरी कर रही है।
18 अगस्त की सुनवाई के बाद CJP ने दावा किया था कि FIR की सूची मिलने पर सुप्रीम कोर्ट जरूरत पड़ने पर अनुच्छेद 142 के तहत मामलों को खत्म करने की अपनी शक्ति पर विचार कर सकता है। संगठन ने केंद्र पर इस प्रक्रिया में देरी करने का आरोप लगाया।
CJP ने इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रस्तावित हाई-पावर्ड कमेटी में अपने प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग भी उठाई है। यह समिति प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और पुलिसकर्मियों के साथ हुई हिंसा जैसे आरोपों की जांच से जुड़ी है।
किन आश्वासनों पर अटका है मामला?
CJP के मुताबिक 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के पीछे मुख्य तौर पर ये आश्वासन थे:
- छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने या खत्म कराने की प्रक्रिया।
- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आगे दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन।
- NEET-UG विवाद से प्रभावित परिवारों को मुआवजा।
- परीक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई।
सरकार के साथ बातचीत के बाद 25 जुलाई को आंदोलन वापस लिया गया था। इससे पहले केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP प्रतिनिधियों से बातचीत की थी और लिखित आश्वासनों के बाद आंदोलन खत्म करने की दिशा बनी थी।
अब 24 अगस्त को क्या होगा?
CJP ने छात्रों, युवाओं, समर्थकों और स्वयंसेवकों से 24 अगस्त की बैठक के फैसले के लिए तैयार रहने को कहा है। यानी बैठक महज समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि आगे के आंदोलन की दिशा तय करने वाली अहम बैठक बन सकती है।
अगर CJP को लगता है कि सरकार ने 25 जुलाई के आश्वासनों पर ठोस कार्रवाई नहीं की है, तो राष्ट्रीय स्तर पर फिर से प्रदर्शन शुरू करने का फैसला लिया जा सकता है।
स्कूल अभियान से भी बढ़ रहा दबाव
इस बीच CJP ने परीक्षा विवाद से आगे बढ़कर सरकारी स्कूलों की बदहाली को लेकर 'School Thik Karo' अभियान भी तेज किया है। हाल के दिनों में संगठन की टीमों के स्कूल निरीक्षण और वीडियो को लेकर कई राज्यों में विवाद सामने आए हैं। राजस्थान में CJP टीम पर कथित हमले को लेकर संगठन ने कार्रवाई की मांग की और आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं महाराष्ट्र के लातूर में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ सरकारी स्कूल में कथित अनधिकृत प्रवेश और शिक्षकों को धमकाने के आरोप में FIR दर्ज होने की खबर है।
यानी CJP का दबाव अब केवल NEET और परीक्षा सुधार तक सीमित नहीं दिख रहा। 24 अगस्त की बैठक में FIR, मुआवजा और पुराने आश्वासनों के साथ-साथ संगठन के नए शिक्षा अभियानों और हालिया विवादों पर भी रणनीति बन सकती है।
अब असली सवाल यही है कि क्या 24 अगस्त के बाद CJP फिर जंतर-मंतर और देश के दूसरे हिस्सों में आंदोलन का बिगुल बजाएगी, या केंद्र के साथ बातचीत का रास्ता जारी रहेगा? इसका जवाब राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद सामने आएगा।