'मैं खुद को चुनौती देता हूं'... High Court की कैंटीन पर FDA का छापा क्यों? तुकाराम मुंढे ने खोला राज

Bombay High Court परिसर की 3 कैंटीनों में से 2 बिना लाइसेंस संचालित हो रही थीं। महाराष्ट्र FDA चीफ तुकाराम मुंढे ने जांच और कार्रवाई की पूरी वजह बताई।

Update:2026-08-23 16:30 IST

Bombay HC Canteen Raid: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बॉम्बे हाईकोर्ट परिसर की कैंटीनों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट परिसर में मौजूद तीन कैंटीनों में से दो बिना जरूरी लाइसेंस के संचालित हो रही थीं। FDA की यह कार्रवाई किसी खास संस्थान को निशाना बनाकर नहीं की गई थी, बल्कि खाद्य सुरक्षा नियमों के समान रूप से पालन को लेकर उठे सवालों के बाद की गई।

इंडिया टुडे से खास बातचीत में तुकाराम मुंढे ने बताया कि हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान यह सवाल उठा था कि क्या FDA केवल निजी प्रतिष्ठानों पर ही कार्रवाई करता है या सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों में भी खाद्य सुरक्षा नियमों की जांच की जाती है।

मुंढे ने कहा कि वह खुद उस सुनवाई में मौजूद नहीं थे। हालांकि, उनके वकील, FDA के अधिकारी और राज्य सरकार की ओर से पेश सरकारी प्रतिनिधि सुनवाई में मौजूद थे। बाद में उन्हें अदालत में हुई चर्चा के बारे में जानकारी दी गई।

कोर्ट में उठा था सरकारी कैंटीनों पर कार्रवाई का सवाल

मुंढे के मुताबिक, सुनवाई के दौरान सवाल किया गया कि FDA की कार्रवाई सिर्फ निजी प्रतिष्ठानों तक सीमित है या सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों पर भी नियम उसी तरह लागू किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि FDA के पास विभिन्न प्रकार के प्रतिष्ठानों में की गई कार्रवाई का डेटा मौजूद है। इसी दौरान उनसे मंत्रालय (Mantralaya) की कैंटीन की जांच के बारे में भी पूछा गया। मुंढे ने कहा कि मंत्रालय की कैंटीन का पहले ही निरीक्षण किया जा चुका था।

हाईकोर्ट की 3 कैंटीन, 2 बिना लाइसेंस

बॉम्बे हाईकोर्ट परिसर में FDA की जांच के बारे में जानकारी देते हुए मुंढे ने कहा कि वहां कुल तीन कैंटीन थीं। इनमें से दो कैंटीन आवश्यक लाइसेंस के बिना चलती पाई गईं।

मुंढे ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट में की गई कार्रवाई का उद्देश्य किसी संस्था को निशाना बनाना नहीं था। उनके अनुसार, यह कार्रवाई उसी नीति का हिस्सा है जिसके तहत FDA निजी प्रतिष्ठानों के साथ-साथ सरकारी और अर्ध-सरकारी परिसरों में भी खाद्य सुरक्षा नियमों की जांच कर रहा है।

'मैं खुद को चुनौती देता हूं'

इंटरव्यू के दौरान मुंढे से उनकी सख्त कार्यशैली और उन्हें कभी-कभी 'अहंकारी' कहे जाने को लेकर भी सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें चुनौती दिया जाना पसंद है।

इस पर मुंढे ने जवाब दिया, “मैं खुद को चुनौती देता हूं, किसी और को नहीं।”

उनसे यह भी पूछा गया कि क्या छोटे उल्लंघनों के मामलों में उनकी कार्रवाई को जरूरत से ज्यादा सख्त माना जाता है। इस पर चर्चा के दौरान उन्होंने भारत में नियमों को लागू करने की व्यावहारिक चुनौतियों को स्वीकार किया।

मुंढे ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के नियम निजी, सरकारी या अर्ध-सरकारी: हर तरह के प्रतिष्ठान पर समान रूप से लागू होने चाहिए। उनके मुताबिक, बॉम्बे हाईकोर्ट की कैंटीन की जांच भी इसी सिद्धांत के तहत की गई थी।

Tags:    

Similar News