30 शर्तों के साथ पुणे में राहुल गांधी का मेगा शो फाइनल! 10 हजार छात्र होंगे शामिल, जानिए क्या-क्या रहेगा बैन

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj Pune: राहुल गांधी का 22 अगस्त को पुणे में होने वाला 'छात्रों की गूंज' मेगा कार्यक्रम 30 शर्तों के साथ फाइनल हो गया है। SSPMS कॉलेज ग्राउंड में करीब 8 से 10 हजार छात्रों के जुटने की उम्मीद है।

Update:2026-08-20 09:59 IST

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj Pune: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे में अचानक सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का 22 अगस्त को पुणे में एक विशाल सम्मेलन होने जा रहा है। 'छात्रों की गूंज' नाम के इस बड़े आयोजन को लेकर काफी समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन आखिरकार स्थानीय पुलिस ने कार्यक्रम को हरी झंडी दे दी है। हालांकि, इस इजाजत के साथ पुलिस प्रशासन ने आयोजकों के सामने 30 सख्त शर्तें भी रख दी हैं।

पुणे में पुलिस का कड़ा पहरा

पुणे के RTO चौक के पास स्थित SSPMS कॉलेज ग्राउंड में शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे तक यह भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पुलिस के अनुमान के मुताबिक, इस मैदान में लगभग 8 से 10 हजार छात्र-छात्राओं के जुटने की संभावना है। आयोजन को सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि मैदान में कोई भी आपत्तिजनक पोस्टर, फोटो या भड़काऊ बैनर नहीं लगाया जाएगा। किसी भी धर्म या समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाले बयानों पर सख्त मनाही रहेगी।

छात्राओं के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा मंच

यह खास कार्यक्रम मुख्य रूप से युवा छात्राओं की समस्याओं और उनके भविष्य पर केंद्रित रहने वाला है। मंच से पढ़ाई, महिला सुरक्षा, सामाजिक बराबरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की धांधली और नए करियर के अवसरों जैसे गंभीर विषयों पर सीधी बातचीत होगी। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि राहुल गांधी छात्रों की चिंताओं को सीधे सुनकर उनका समाधान सामने रखेंगे। महाराष्ट्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष मोहन जोशी ने आश्वस्त किया है कि पार्टी पुलिस प्रशासन की सभी 30 शर्तों का पूरी निष्ठा से पालन करेगी।

आयोजकों को मिली सुरक्षा की जिम्मेदारी

कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजकों पर बड़ा जिम्मा डाला गया है। मैदान में महिला और पुरुष दर्शकों के लिए अलग-अलग बैठने के इंतजाम करने होंगे। इसके अलावा, प्राइवेट बाउंसर और महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती अनिवार्य की गई है। पूरे पंडाल पर सीसीटीवी कैमरों की कड़ी नजर रहेगी, जबकि ड्रोन से वीडियो बनाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। इमरजेंसी गाड़ियों के आने-जाने के लिए एक विशेष रास्ता भी खाली रखा जाएगा।

निषेधाज्ञा पर गरमाई राजनीति

गौरतलब है कि पुणे शहर में आगामी त्योहारों और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए 31 अगस्त तक 14 दिनों के लिए धारा 144 जैसे कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसके तहत बिना इजाजत रैलियां निकालने या पुतले फूंकने पर रोक है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि यह प्रशासनिक आदेश राहुल गांधी की जनसभा को रोकने की नीयत से लागू किया गया था।

देशव्यापी अभियान का नया पड़ाव

छात्रों और युवाओं की आवाज बुलंद करने के लिए राहुल गांधी ने इस देशव्यापी मुहीम की शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा शहर से की थी। कोटा के बाद देहरादून और प्रयागराज में युवाओं का भारी समर्थन हासिल करने के बाद अब यह अभियान पुणे की धरती पर पहुंच चुका है।

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