जल रहा कटक! मूर्ति विसर्जन के दौरान खूनी झड़प के बाद इंटरनेट सस्पेंड, VHP ने किया बंद का ऐलान

Cuttack violence update: ओडिशा के कटक में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान दो गुटों में खूनी झड़प, डीसीपी समेत कई घायल। हालात बेकाबू होने पर इंटरनेट बंद, भारी पुलिस बल तैनात। विहिप ने 6 अक्टूबर को 12 घंटे बंद का ऐलान किया।

Update:2025-10-05 21:05 IST

Cuttack violence update: ओडिशा के कटक शहर से एक चौंकाने वाली और तनावपूर्ण खबर सामने आई है, जहाँ दुर्गा पूजा के मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच भीषण हिंसा भड़क उठी। शनिवार देर रात हुई इस हिंसक झड़प के बाद शहर का माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। हालत यह है कि उपद्रवियों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन को इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ी हैं और पूरे शहर में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।

इस हिंसा से गुस्साए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अब 6 अक्टूबर को शहर में 12 घंटे के बंद का ऐलान कर दिया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। इस अचानक हुई हिंसा में कटक के डीसीपी समेत कई लोग घायल हुए हैं। सवाल यह है कि उत्सव के माहौल में अचानक यह आग कैसे भड़की और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है?

रात के अंधेरे में भड़की 'पत्थरबाजी' की आग

अधिकारियों के मुताबिक, हिंसा की यह चिंगारी शनिवार रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच दरगाहबाजार क्षेत्र के हाथी पोखरी के निकट भड़की। दुर्गा पूजा का विसर्जन जुलूस जब इस इलाके से गुजर रहा था, तब जुलूस में बज रहे तेज ध्वनि वाले संगीत पर कुछ स्थानीय निवासियों ने आपत्ति जताई। यह मामूली बहस देखते ही देखते एक खूनी झड़प में बदल गई। गुस्साए लोगों ने छतों से जुलूस पर पत्थर और शीशी की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं, जिससे भगदड़ मच गई।

डीसीपी समेत कई घायल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

इस अप्रत्याशित हमले में कई लोग घायल हो गए, जिनमें सबसे प्रमुख नाम कटक के डीसीपी खिलाड़ी ऋषिकेश ज्ञानदेव का है। स्थिति को काबू करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्के लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि दुर्गा पूजा समितियों के सदस्यों ने तुरंत हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके कारण विसर्जन का कार्य करीब तीन घंटे तक पूरी तरह ठप रहा। कड़ी सुरक्षा और भारी बल की तैनाती के बाद प्रक्रिया फिर से शुरू हो पाई और रविवार सुबह 10 बजे तक सभी मूर्तियों का विसर्जन सुरक्षित ढंग से पूरा किया गया।

सीसीटीवी फुटेज से हुई 6 उपद्रवियों की पहचान

कटक के पुलिस आयुक्त एसदेव दत्त सिंह ने इस मामले में हुई कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हिंसा से जुड़े छह व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। ये गिरफ्तारियाँ पथराव में शामिल होने के आधार पर की गई हैं और उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज की मदद से की गई है। पुलिस के अनुसार, यह घटना हाटीपोखरी के आसपास हुई, जब शोभायात्रा काथाजोड़ी नदी के किनारे देवीगड़ा की ओर जा रही थी। तेज संगीत पर स्थानीय निवासियों की आपत्ति ही विवाद की जड़ बनी।

दोबारा भड़का तनाव और सीएपीएफ की तैनाती

पुलिस ने खुलासा किया कि जब एक अन्य शोभायात्रा उसी तनावग्रस्त इलाके में पहुंची, तो तनाव दोबारा भड़क उठा। स्थिति को नियंत्रण में रखने और आगे की हिंसा को रोकने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) को तैनात किया गया। इसके बाद, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह करीब छह बजे विसर्जन जुलूस को आगे बढ़ाया जा सका। पूरे शहर में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं, ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके। विहिप के 12 घंटे के बंद के ऐलान के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। यह घटना शांति और सद्भाव के लिए एक बड़ा झटका है, और अब देखना यह होगा कि कटक में सामान्य स्थिति कब बहाल हो पाती है।

Tags:    

Similar News