FCRA को लेकर क्यों टेंशन में आए नागालैंड के CM नेफ्यू रियो? अमित शाह को पत्र लिखकर कर दी ये अपील
FCRA Amendment 2026: FCRA में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर नागालैंड मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने अमित शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने चर्चों और सामाजिक संगठनों की चिंताओं पर चर्चा और JPC के गठन का सुझाव दिया।
FCRA Amendment 2026 (Image Credit-Social Media)
FCRA Amendment 2026: नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने विदेशी फंडिंग से जुड़े FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि राज्य के चर्चों और ईसाई संगठनों की चिंताओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए।
मुख्यमंत्री ने यह पत्र 9 अगस्त को लिखा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बदलावों को लेकर उन्होंने राज्य के ईसाई नेताओं से चर्चा की है और नागालैंड बैपटिस्ट चर्च काउंसिल (NBCC) के प्रतिनिधियों तथा कोहिमा के बिशप से भी मुलाकात की।
नागालैंड में 90 फीसदी से ज्यादा आबादी ईसाई
नेफ्यू रियो ने अपने पत्र में नागालैंड की सामाजिक और धार्मिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य की 90 फीसदी से ज्यादा आबादी ईसाई है। उन्होंने कहा कि राज्य में चर्च और ईसाई संगठन लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, गरीबी कम करने, सामाजिक कल्याण और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
खास तौर पर दूरदराज और आर्थिक रूप से कमजोर इलाकों में इन संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन संगठनों की कई गतिविधियों को वैध विदेशी फंडिंग से भी सहायता मिलती रही है।
FCRA के नियमों से पहले ही बढ़ा है बोझ
मुख्यमंत्री ने केंद्र को बताया कि FCRA से जुड़े अनुपालन और नियमों को पूरा करने की बढ़ती जरूरतों ने चर्चों और चैरिटी संगठनों पर पहले ही आर्थिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ा दिया है।
उन्होंने चिंता जताई कि प्रस्तावित संशोधन अगर मौजूदा स्वरूप में लागू किए जाते हैं तो इन संस्थाओं की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। रियो के मुताबिक, इसका असर राज्य में चल रहे शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और जनकल्याण के कार्यक्रमों पर पड़ने की आशंका है।
धर्म परिवर्तन के आरोपों पर भी रियो ने जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने कुछ चर्च संगठनों के FCRA रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ संगठनों के FCRA रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कथित तौर पर विदेशी फंड के इस्तेमाल से जुड़े धर्म परिवर्तन के आरोपों के आधार पर नहीं किया गया।
JPC बनाने और व्यापक चर्चा की मांग
नेफ्यू रियो ने प्रस्तावित FCRA कानून में बदलावों की विस्तृत जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (Joint Parliamentary Committee-JPC) के गठन पर विचार करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कानून पर व्यापक हितधारक परामर्श भी किया जाना चाहिए। यानी कानून में बदलाव से प्रभावित होने वाले चर्च, सामाजिक संगठन, गैर-सरकारी संस्थाएं और अन्य संबंधित पक्षों की राय सुनी जानी चाहिए।
FCRA संशोधन को लेकर पहले से चल रहा है विवाद
FCRA में प्रस्तावित बदलावों को लेकर देश में पहले से बहस चल रही है। विदेशी फंडिंग हासिल करने वाले संगठनों के लिए नियमों को और स्पष्ट एवं पारदर्शी बनाने की बात सरकार की ओर से कही जा रही है।
वहीं, कुछ संगठन और राजनीतिक नेता आशंका जता रहे हैं कि नए प्रावधानों से विदेशी फंड पर निर्भर सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं पर प्रशासनिक दबाव बढ़ सकता है।
ऐसे में नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो की अमित शाह को लिखी चिट्ठी ने इस बहस में राज्य की विशेष परिस्थितियों और चर्चों की भूमिका को प्रमुखता से सामने ला दिया है।