राम मंदिर के चढ़ावे पर दिल्ली में घमासान! PM आवास की तरफ बढ़े पप्पू यादव समेत 500 साधु-संत...पुलिस ने दबोचा

Pappu Yadav March On PM Residence: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी की जांच CBI से कराने की मांग को लेकर दिल्ली में करीब 500 साधु-संतों ने प्रदर्शन किया। PM आवास की ओर मार्च की कोशिश के दौरान पुलिस ने BNSS धारा 163 लागू कर दी।

Update:2026-08-10 16:49 IST

Pappu Yadav March On PM Residence: देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को एक बड़ा राजनीतिक और धार्मिक घटनाक्रम देखने को मिला। अयोध्या स्थित प्रसिद्ध राम मंदिर के चढ़ावे और दान में हुई कथित हेराफेरी के मामले को लेकर देशभर से आए साधु-संतों ने जोरदार मोर्चा खोल दिया। देश के अलग-अलग हिस्सों और प्रमुख अखाड़ों से पहुंचे करीब 500 साधु-संत दिल्ली के मंडी हाउस चौराहे पर इकट्ठा हुए। इस पूरे प्रदर्शन में अयोध्या की हनुमानगढ़ी के संतों के साथ-साथ कई प्रतिष्ठित महंत और महामंडलेश्वर भी प्रमुख रूप से शामिल थे। इन सभी संतों की एकमात्र मुख्य मांग यह थी कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे में हुई गड़बड़ी की पूरी जांच केवल केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की निगरानी में कराई जाए।

PM आवास की ओर मार्च का था बड़ा प्लान

मंडी हाउस पर एकत्रित हुए सभी साधु-संतों की योजना इस गंभीर मुद्दे को देश के सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुंचाने की थी। ये सभी संत अपनी मांगों से जुड़ा एक ज्ञापन पत्र देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत रूप से सौंपना चाहते थे। इसके लिए संतों ने मंडी हाउस से सीधे लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास की ओर एक पैदल जुलूस निकालने की पूरी तैयारी कर रखी थी। हालांकि, जैसे ही संतों के इस बड़े समूह ने आगे कदम बढ़ाना शुरू किया, राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था में लगे प्रशासनिक अमले के हाथ-पांव फूल गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस की विशाल टुकड़ी ने तुरंत मौके पर मोर्चा संभाल लिया।

BNSS 163 के तहत रोक, सड़क पर ही लेट गए संत

सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने संबंधित इलाके में तुरंत बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने साधु-संतों की इस भारी भीड़ को एक जगह जमा होने और आगे जुलूस के रूप में बढ़ने से सख्त हिदायत देकर रोक दिया। पुलिस के इस अचानक प्रतिबंध से साधु-संतों का गुस्सा भड़क उठा। उग्र हुए संत वहीं मुख्य सड़क पर ही लेट गए और सरकार के खिलाफ तीखी नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच बिहार की पूर्णिया सीट से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी संतों का समर्थन करने वहां पहुंचे और उनके साथ सड़क पर लेटकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

सोशल मीडिया पर हमला और पुलिस की कार्रवाई

हाथों में विरोध की तख्तियां थामे संतों और सांसद ने 'जय श्री राम' के गगनभेदी नारे लगाए और राम भक्तों की आस्था पर सेंध लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पप्पू यादव ने इस प्रदर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी कमियां छिपाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है और संत समाज की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। काफी देर तक चले इस भारी हंगामे और सड़क जाम की स्थिति के बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सांसद और प्रदर्शनकारी संतों को हिरासत में ले लिया और दूसरे स्थान पर भेज दिया।

संसद के नाटकीय प्रदर्शन के बाद बदला नजरिया

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों सांसद पप्पू यादव संसद परिसर में भगवा वस्त्र पहनकर एक सांकेतिक नाटक करने के कारण संत समाज के निशाने पर आ गए थे। उस वक्त उन्होंने दानपात्र से पैसे निकालने का एक दृश्य दिखाया था, जिसे लेकर कई धार्मिक संगठनों ने साधु वेश और सनातन परंपरा का अपमान बताकर उनके आवास का घेराव भी किया था। हालांकि, सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर पूरा माहौल बदला हुआ नजर आया। इस बार पप्पू यादव स्वयं साधु-संतों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़े दिखे और मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी करने वाले दोषियों को बेनकाब करने की मांग दोहराते रहे।

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