शेख हसीना पर तकरार के बीच भारत ने खेला सॉफ्ट डिप्लोमेसी, PM तारिक रहमान से मिले भारत के हाई कमिश्नर

India-Bangladesh: भारत-बांग्लादेश के बीच शेख हसीना के मुद्दे को लेकर तनाव के बावजूद बातचीत का सिलसिला जारी है। भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात कर रिश्तों को लेकर सकारात्मक संदेश दिया।

Update:2026-08-10 16:19 IST

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India Bangladesh Relations: भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में एक बार फिर हलचल देखने को मिल रही है। एक तरफ बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के राजधानी दिल्ली में हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर ढाका ने कड़ी नाराजगी जताई है, तो दूसरी तरफ भारत ने बातचीत और कूटनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रखी है।

इसी सिलसिले में बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच कई मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है।

विदेश मंत्री से भी हुई बातचीत

प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात से पहले भारतीय राजदूत ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान और प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर से भी मुलाकात की।

इन बैठकों को भारत की ओर से बांग्लादेश के साथ संवाद बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच रिश्तों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत लगातार बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने पर जोर देता रहा है।

BRICS समिट में तारीक रहमान को भारत का न्योता

भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को अगले महीने होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया है।

बांग्लादेश इस समय BIMSTEC यानी Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation का अध्यक्ष है। ऐसे में भारत की ओर से तारिक रहमान को BRICS समिट में आमंत्रित करना क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब भारत और बांग्लादेश दोनों ही अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए दौर में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

दिल्ली में शेख हसीना के कार्यक्रम से क्यों बढ़ा विवाद?

भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव की एक बड़ी वजह हाल ही में दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का मीडिया कार्यक्रम बना।

शेख हसीना ने नई दिल्ली में साउथ एशिया के विदेशी मीडिया के एक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और अपने देश से जुड़े कई मुद्दों पर बात की।

इस कार्यक्रम को लेकर बांग्लादेश सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई। ढाका ने इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ बताया और भारत के सामने विरोध दर्ज कराया।

शेख हसीना के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भारत ने क्या कहा?

बांग्लादेश की आपत्ति के बाद भारत ने साफ किया कि इस कार्यक्रम के आयोजन में उसकी कोई भूमिका नहीं थी।

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी संस्था ने आयोजित किया था। भारत सरकार का इस आयोजन से कोई संबंध नहीं था और कार्यक्रम में व्यक्त किए गए विचारों का भी भारत ने समर्थन नहीं किया।

भारत की इस सफाई के बावजूद इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया।

शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा फिर गहराया

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक शेख हसीना का भारत में रहना और उनका प्रत्यर्पण है। 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद वह भारत आ गईं और तब से भारत में रह रही हैं।

इसके बाद बांग्लादेश में उनके खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़े आरोपों में मुकदमा चला। 2025 में बांग्लादेश की एक अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई। हालांकि, शेख हसीना ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है।

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश में आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई में करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी। बांग्लादेश सरकार लगातार भारत से शेख हसीना को वापस सौंपने की मांग करती रही है। हालांकि, भारत ने अभी तक उन्हें बांग्लादेश को सौंपा नहीं है।

तनाव के बीच भारत ने अपनाया नरम रुख

इन तमाम विवादों के बीच भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी का रुख काफी सकारात्मक और बातचीत पर आधारित नजर आया। ढाका में भारतीय वीजा आवेदन केंद्र पर वीजा आवेदकों के बच्चों के लिए बनाए गए खेल क्षेत्र के उद्घाटन के दौरान उन्होंने भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर भरोसा जताया।

उन्होंने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की तारीफ करते हुए कहा कि भारत में उनका काफी सम्मान है। उन्होंने कहा कि उन्होंने तारीक रहमान के कई भाषण सुने हैं और उन्हें लगता है कि वह दिल से बात करते हैं और लोगों से जुड़े हुए नेता हैं।

भारतीय हाई कमिश्नर ने यह भी कहा कि पीएम मोदी भी जनता से जुड़े हुए नेता हैं।

'बातचीत से ही समस्याओं का समाधान होगा'

दिनेश त्रिवेदी ने भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत को सबसे जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि जब दोनों देशों के नेता आपस में मिलकर बात करते हैं तो कई समस्याओं का समाधान हो जाता है। उनके मुताबिक, बातचीत के जरिए ही मुश्किल मुद्दों को सुलझाया जा सकता है।

कुल मिलाकर, शेख हसीना के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मतभेद भले ही बने हुए हों, लेकिन भारत ने यह साफ संकेत दिया है कि वह बातचीत के रास्ते को बंद नहीं करना चाहता। अब नजर इस बात पर होगी कि आने वाले दिनों में भारत और बांग्लादेश के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और दोनों देश अपने विवादित मुद्दों का समाधान कैसे निकालते हैं।

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