25 तबादले, लेकिन नहीं बदला तेवर: क्यों ‘सिंघम IAS’ कहलाते हैं तुकाराम मुंडे?

Maharashtra: महाराष्ट्र के चर्चित IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे ने FDA सचिव और आयुक्त का पद संभालते ही खाद्य मिलावट के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। उनकी ईमानदार और कड़ी कार्यशैली फिर चर्चा में है।

Update:2026-08-07 18:53 IST

IAS Tukaram Munde

Maharashtra: महाराष्ट्र कैडर के चर्चित आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। हाल ही में उन्हें राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) का सचिव और आयुक्त नियुक्त किया गया है। नई जिम्मेदारी संभालते ही उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान शुरू कर दिया है। विभाग की लगातार छापेमारी और सख्त कार्रवाई के कारण उनकी कार्यशैली एक बार फिर सुर्खियों में है।

संघर्षों से निकला प्रशासनिक सफर

3 जून 1975 को महाराष्ट्र के बीड जिले के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे तुकाराम मुंडे का बचपन आर्थिक अभावों के बीच बीता। शुरुआती पढ़ाई उन्होंने जिला परिषद के विद्यालय से की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने औरंगाबाद स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी शुरू की। कई असफल प्रयासों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और वर्ष 2005 में सफलता हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया।

हर दस महीने में तबादला, फिर भी नहीं बदली कार्यशैली

करीब दो दशक लंबे प्रशासनिक करियर में तुकाराम मुंडे का लगभग 25 बार तबादला हो चुका है। औसतन हर दस महीने में उनका स्थानांतरण हुआ, लेकिन इससे उनकी कार्यशैली पर कोई असर नहीं पड़ा। जहां भी उनकी तैनाती हुई, वहां उन्होंने नियमों का कड़ाई से पालन कराने और प्रशासनिक पारदर्शिता स्थापित करने की कोशिश की।

सोलापुर, नासिक, नागपुर, नवी मुंबई सहित कई जिलों और नगर निकायों में उन्होंने अवैध निर्माण, भ्रष्टाचार, अतिक्रमण, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ कठोर कार्रवाई की। यही कारण है कि कई बार उनके फैसले राजनीतिक विवादों का विषय भी बने।

राजनीतिक दबाव से दूरी, ईमानदार अधिकारी की पहचान

तुकाराम मुंडे की सबसे बड़ी पहचान यह मानी जाती है कि वे राजनीतिक दबाव के आगे झुकने से बचते हैं और प्रशासनिक निर्णयों में नियमों को प्राथमिकता देते हैं। समर्थकों का कहना है कि इसी स्पष्ट और कठोर कार्यशैली ने उन्हें आम लोगों के बीच एक अलग पहचान दिलाई है। महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में लोग उन्हें ‘सिंघम IAS’ के नाम से जानते हैं, क्योंकि वे कानून के पालन और प्रशासनिक अनुशासन के मामलों में सख्त रुख अपनाने के लिए प्रसिद्ध हैं।

FDA में नई जिम्मेदारी, मिलावट पर विशेष फोकस

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कमान संभालने के बाद मुंडे ने मिलावटी खाद्य पदार्थों, नकली उत्पादों और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों पर विशेष अभियान शुरू किया है। विभागीय अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, नमूना जांच और दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।

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