अरुणाचल प्रदेश हमारा था, है और रहेगा... चीन के दुस्साहस पर भारत का मुंहतोड़ जवाब, नाम बदलने के कोशिश में ड्रैगन

ndia Rejects China Claims: भारत ने चीन की अरुणाचल प्रदेश में जगहों के नाम बदलने की कोशिश को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। चीन अब तक कई भारतीय स्थानों के लिए नए नाम जारी कर चुका है, लेकिन भारत ने साफ कर दिया कि नाम बदलने या काल्पनिक दावे करने से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी।

Update:2026-08-11 18:50 IST

Arunachal Pradesh China Dispute (Image Credit-Social Media)

India Rejects China Claims: अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन बार-बार दावा करता रहता है, ये उसके विस्तारवादी नीति का हिस्सा है. लेकिन भारत ने एक बार फिर अपना रुख बेहद स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य और अभिन्न हिस्सा है और इस वास्तविकता को कोई भी ताकत नहीं बदल सकती।

भारत का यह बयान ऐसे समय आया है जब चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग स्थानों को अपने हिसाब से नाम देने की कोशिश करता रहा है। भारत ने चीन की इस नीति को सिर्फ नाम बदलने की कवायद नहीं, बल्कि ड्रैगन की गलत मानसिकता बताया।

'नाम बदलने से हकीकत नहीं बदलेगी'

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत पहले भी इस बात को स्पष्ट कर चुका है और आगे भी करता रहेगा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह ऐसी वास्तविकता है जो अपने आप स्पष्ट है और इसे किसी भी तरह की घोषणा, नामकरण या दावे से बदला नहीं जा सकता।

भारत का संदेश साफ है कि किसी इलाके का नाम बदल देने से उसकी संप्रभुता नहीं बदलती। जिस जमीन पर भारत का प्रशासन है और जो भारत का हिस्सा है, उसके बारे में चीन की ओर से किए जा रहे दावे भारत को स्वीकार नहीं हैं।

चीन की 'नाम बदलो' नीति पर भारत का पलटवार

चीन पिछले कुछ वर्षों से अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों के लिए चीनी नाम जारी करता रहा है। बीजिंग अरुणाचल प्रदेश को अपने शब्दों में 'जांगनान' कहता है और वहां के स्थानों के नाम बदलने की कोशिश करता रहा है। चीन ने पहली बार 2017 में अरुणाचल प्रदेश के छह स्थानों के नाम जारी किए थे। इसके बाद 2021 में 15 और 2023 में 11 स्थानों के नामों की सूची जारी की गई। भारत ने इन नामों को काल्पनिक और बेबुनियाद बताते हुए लगातार खारिज किया है।

भारत ने अपने नक्शे में 27 जगहों के आधिकारिक नाम दर्ज किए

चीन की बार-बार की जा रही नाम बदलने की कोशिश के बीच भारत ने भी अपनी स्थिति को स्पष्ट करते हुए अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों को उनके आधिकारिक नामों के साथ सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर दर्ज किया है।

भारतीय सैनिकों की वीरता की याद दिलाते हैं ये स्थान

सूची में जसवंत गढ़ और शेर-ए-थापा मेमोरियल जैसे स्थान भी शामिल हैं। ये जगहें 1962 के युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान की याद दिलाती हैं। पूर्वी अरुणाचल प्रदेश का जयरामपुर भी इस सूची में शामिल है, जो महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक केंद्र के तौर पर जाना जाता है। यानी इन स्थानों के नाम और पहचान भारत के लिए केवल प्रशासनिक विषय नहीं हैं, बल्कि इनका देश की सुरक्षा, इतिहास और सैन्य विरासत से भी संबंध है।

भारत ने चीन को साफ संदेश दिया

अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावों के साथ-साथ भारत ने दोनों देशों के बीच सीमा पर शांति और स्थिरता की जरूरत पर भी जोर दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-चीन सीमा से जुड़े मामलों को भारत बेहद गंभीरता से देखता है। दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

चीन की विस्तारवादी सोच पर भारत का सख्त संदेश

अरुणाचल प्रदेश में जगहों के नाम बदलने की चीन की लगातार कोशिश को भारत की नजर से देखें तो यह सिर्फ नामकरण का मामला नहीं है। किसी दूसरे देश के इलाके को अपने नक्शे और भाषा में नए नाम देकर उस पर दावा मजबूत करने की कोशिश को भारत स्वीकार नहीं करता।

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