Siliguri Corridor: देश की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, शुभेंदु सरकार ने केंद्र को सौंपी ‘चिकन नेक’ की 120 एकड़ ज़मीन

Siliguri Corridor: यह जमीन बॉर्डर फेंसिंग और सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दी गई है। इस निर्णय को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Update:2026-05-19 17:05 IST

Siliguri Corridor

Siliguri Corridor: पश्चिम बंगाल की राजनीति और देश की सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी जानकारी सामने आई है। राज्य सरकार ने देश के सबसे संवेदनशील इलाकों में गिने जाने वाले सिलिगुड़ी कॉरिडोर यानी 'चिकन नेक' क्षेत्र में स्थित लगभग 120 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को दे दी है। यह जमीन बॉर्डर फेंसिंग और सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दी गई है। इस निर्णय को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया के दौरान सीमा सुरक्षा बल (BSF) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। केंद्र सरकार अब इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगी , जिससे सीमाई निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।

सिलिगुड़ी कॉरिडोर क्यों है अहम?

सिलिगुड़ी कॉरिडोर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला बहुत ही संकरा भूभाग है। इसकी चौड़ाई करीब 20-22 किलोमीटर मानी जाती है। यह इलाका नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं से घिरा हुआ है, जबकि चीन की सीमा भी इसके बहुत पास है। रणनीतिक रूप से यह क्षेत्र भारत के लिए बहुत संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि किसी भी सुरक्षा चुनौती का सीधा प्रभाव पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी पर पड़ सकता है।

क्या है सुरक्षा विशेषज्ञों कि राय ?

राजनीतिक और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार का यह कदम केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय का स्पष्ट संकेत है। नई सरकार के शपथ लेने के तत्काल बाद इस दिशा में उठाया गया यह कदम सुरक्षा एजेंसियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।

केंद्र सरकार की योजना इस इलाके में बॉर्डर फेंसिंग, निगरानी तंत्र, सुरक्षा चौकियां और जवानों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की है। इसे लेकर एसा माना जा रहा है कि इससे न केवल सीमाई सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि किसी भी संभावित घुसपैठ या सुरक्षा खतरे से निपटने में भी सहायता मिलेगी।

फिलहाल इस निर्णय को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। 

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