UBT Split: महाराष्ट्र में आज ‘बड़ा सियासी खेला’! एकनाथ शिंदे संग सीक्रेट मीटिंग करेंगे उद्धव गुट के बागी, फिर स्पीकर से मुलाकात

UBT Split: उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।

Update:2026-06-17 09:02 IST

UBT Split

UBT Split: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आने की संभावना जताई जा रही है। लंबे समय से चर्चा में चल रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ को अब अमलीजामा पहनाए जाने की बातें सामने आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है और दिल्ली इसका नया राजनीतिक केंद्र बन गई है।

दिल्ली बनी सियासी गतिविधियों का केंद्र

संभावित बगावत की खबरों के बीच शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी राजधानी में मौजूद हैं। दूसरी ओर, ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता भी डैमेज कंट्रोल और कानूनी रणनीति तैयार करने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सांसदों की गतिविधियों का केंद्र इस बार सांसद श्रीकांत शिंदे का दिल्ली स्थित आवास बना हुआ है। माना जा रहा है कि यहीं पर आगे की रणनीति और संभावित राजनीतिक कदमों पर अंतिम चर्चा हो रही है।

मातोश्री की बैठक से दूरी ने बढ़ाई अटकलें

हाल ही में उद्धव ठाकरे ने अपने आवास ‘मातोश्री’ पर पार्टी सांसदों की बैठक बुलाई थी। हालांकि इस बैठक में 9 में से केवल 4 सांसद ही शामिल हुए। इनमें अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय दीना पाटिल और राजाभाऊ वाजे मौजूद थे। वहीं ओमराजे निम्बालकर, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय देशमुख और नागेश पाटिल आष्टीकर बैठक से दूर रहे। इसके बाद राजनीतिक अटकलों का दौर तेज हो गया। बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे ने इन सांसदों से पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा स्पष्ट करने को कहा था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति ने नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी।

किन सांसदों के नाम चर्चा में?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन सांसदों के शिंदे गुट में जाने की चर्चा है, उनमें नागेश पाटिल आष्टीकर, संजय जाधव, संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचौरे और ओमराजे निम्बालकर के नाम प्रमुख हैं। छठे सांसद को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में कई नामों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।

स्पीकर से मुलाकात और नए गुट की संभावना

सूत्रों के अनुसार दिल्ली पहुंचे सांसद पहले एकनाथ शिंदे के साथ बैठक कर सकते हैं। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर समर्थन पत्र सौंपने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि पहले लोकसभा में अलग संसदीय समूह बनाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और बाद में इस समूह का शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय कराया जा सकता है। शिवसेना के विधान परिषद सदस्य कृपाल तुमाने ने दावा किया है कि सात सांसदों के साथ बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आ सकता है।

डैमेज कंट्रोल में जुटा ठाकरे गुट

संभावित टूट की खबरों के बीच शिवसेना (यूबीटी) ने कानूनी मोर्चे पर भी तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर मांग की है कि संसद में केवल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को ही अधिकृत राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी जाए। संसदीय दल के नेता अरविंद सावंत ने अपने पत्र में आग्रह किया है कि यदि किसी अन्य गुट द्वारा मान्यता की मांग की जाती है तो निर्णय लेने से पहले पार्टी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए। साथ ही पार्टी ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत उपलब्ध कानूनी विकल्पों के इस्तेमाल का संकेत भी दिया है।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज

इस पूरे घटनाक्रम के बीच राज्यसभा सांसद संजय राउत और सांसद अनिल देसाई भी दिल्ली पहुंच गए हैं। संजय राउत ने आरोप लगाया है कि कुछ सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए करोड़ों रुपये की पेशकश की गई है। यदि सांसदों का यह संभावित दल-बदल होता है, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है।

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