केरल के त्रिशूर में मातम: पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका, 8 मजदूरों की मौत, कई घायल
kerala News: केरल के त्रिशूर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार विस्फोट में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
kerala News: केरल के त्रिशूर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार विस्फोट में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ, जब त्रिशूर पूरम के लिए तिरुवंबाडी ग्रुप की ओर से पटाखों की सामग्री तैयार की जा रही थी। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के लोगों ने पहले इसे भूकंप समझ लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में आग और घना धुआं फैल गया, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी दिक्कतें आईं।
हादसा कैसे हुआ?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट फैक्ट्री के उस हिस्से में हुआ जहां पटाखों के लिए रासायनिक मिश्रण तैयार किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा था। हालांकि, प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
13 लोगों को मौके से सुरक्षित निकाला गया
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। घायलों को तुरंत गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल, त्रिशूर और आसपास के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे के बाद 13 लोगों को मौके से सुरक्षित निकाला गया है। घायलों में से 5 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें ICU में भर्ती कराया गया है। वहीं 2 लोग अस्पताल के वार्ड में भर्ती हैं, जबकि 17 लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
प्रशासन की कार्रवाई
केरल पुलिस ने घटना के बाद फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने कहा है कि फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा उपायों और संचालन प्रक्रिया की जांच की जाएगी। यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने भी पूरे इलाके को सील कर दिया है और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। साथ ही, अन्य पटाखा फैक्ट्रियों की भी जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों में दहशत
विस्फोट के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। कई घरों के शीशे टूट गए और दीवारों में दरारें पड़ गईं। लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी फैक्ट्री से संबंधित सुरक्षा को लेकर शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “धमाका इतना जोरदार था कि हमें लगा जैसे भूकंप आ गया हो। हम तुरंत घरों से बाहर भागे और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई।
सरकार की प्रतिक्रिया
केरल सरकार ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही, घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े करता है। देश के कई हिस्सों में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जहां लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि पटाखा निर्माण एक अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसमें रसायनों का सावधानीपूर्वक उपयोग जरूरी होता है। थोड़ी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
महाराष्ट्र, तमिलनाडु में भी पटाखों ने ली जान
बता दें कि महाराष्ट्र के पालघर में भी पटाखों में हुए विस्फोट ने 2 लोगों की जान ले ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना में 4 लोग घायल भी हुए हैं। वहीं, हाल ही में तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले की एक पटाखा फैक्ट्री में भी बड़ा हादसा हुआ था। वहां ‘वनाजा’ नाम की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 25 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। यह फैक्ट्री मुथुमणिक्कम नामक व्यक्ति की बताई जाती है और कट्टनारपट्टी इलाके में स्थित थी। यह हादसा हाल के वर्षों में क्षेत्र की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में से एक माना जा रहा है।