जंतर-मंतर के चारों तरफ इंटरनेट ब्लैकआउट, राहुल गांधी समेत सड़क पर उतरा पूरा विपक्ष, 'गांधी स्मृति' पर देंगे धरना
Internet Suspend in Delhi: NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन अब केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं।
Internet Suspend in Delhi: नीट (NEET) पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन ने अब केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच सीधे राजनीतिक रूप ले लिया है। जंतर-मंतर पर बढ़ते तनाव और हिंसक झड़पों की आशंका को देखते हुए गृह मंत्रालय (MHA) ने सख्त फैसला लेते हुए जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में शाम 4 बजे से मध्य रात्रि 12 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह निलंबित कर दी हैं।
गांधी स्मृति स्मृति जा रहे राहुल गांधी
संसद परिसर से लेकर सड़कों तक विपक्ष छात्रों के समर्थन में लामबंद हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के प्रमुख नेताओं की एक आपात बैठक हुई। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सुप्रिया सुले, महुआ मोइत्रा, मीसा भारती और अरविंद सावंत समेत दर्जनों वरिष्ठ सांसद एक बस में सवार होकर तीस जनवरी मार्ग स्थित 'गांधी स्मृति' में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने के लिए निकले।
हालांकि, दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने राहुल गांधी के आवास के बाहर भारी बैरिकेडिंग और गाड़ियां खड़ी कर उनकी बस को महज 10 मीटर आगे ही रोक दिया। इस दौरान प्रियंका गांधी खुद ड्राइवर की सीट के पास जाकर सुरक्षा अधिकारियों से रास्ता खोलने की बात करती नजर आईं, जबकि राहुल गांधी बस के अंदर से हालात का मुआयना करते दिखे।
कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर उठाए गंभीर सवाल
रास्ता रोके जाने से आक्रोशित कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, "जो सांसद देश की संसद में बैठते हैं, क्या वे गांधी समाधि पर भी नहीं जा सकते? सरकार को जब मालूम था कि सांसद शांतिपूर्ण ढंग से जा रहे हैं, तो रास्ते में गाड़ियां खड़ी करके बैरिकेडिंग क्यों की गई? क्या हम कोई गुंडे-बदमाश हैं?"
राहुल गांधी का 'X' पर पोस्ट
बस रोके जाने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर देश भर के युवाओं के नाम एक भावुक और कड़ा संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा, "हम उन छात्रों को श्रद्धांजलि देने जा रहे हैं जिन्हें नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा, और हम उन घायल युवाओं के साथ खड़े हैं जिन्हें शांतिपूर्ण न्याय मांगने पर बेरहमी से पीटा गया। भारत का छात्र वर्ग बिल्कुल अकेला नहीं है, पूरा विपक्ष उनकी मांगों के साथ मजबूती से खड़ा है और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा।"