ओडिशा में बाढ़ से महातबाही! 5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, 90 रेस्क्यू टीमें तैनात, भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी

Odisha Flood High Alert: ओडिशा में लगातार भारी बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ का संकट बेहद गंभीर हो गया है। 5.15 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं और 2.37 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

Update:2026-08-16 22:38 IST

Odisha Flood High Alert: ओडिशा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण स्थिति इतनी भयानक हो चुकी है कि राज्य के उत्तरी जिलों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 49 ब्लॉकों की 331 ग्राम पंचायतों और 5 शहरी इलाकों के 947 गांवों में 5.15 लाख से अधिक लोग इस कुदरती आफत से सीधे प्रभावित हुए हैं। राज्य प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक 2.37 लाख से ज्यादा नागरिकों को जलभराव वाले इलाकों से निकालकर 293 राहत शिविरों में पहुंचा दिया है।

16 से 18 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई हिस्सों के लिए अत्यंत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने हालात की समीक्षा करने के बाद बताया कि 16 से 18 अगस्त तक 3 दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और अधिक शक्तिशाली हो गया है, जिसके अगले 24 घंटों के भीतर गहरे डिप्रेशन में बदलने की पूरी आशंका है। इस खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे ओडिशा में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।

सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

बाढ़ के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कड़े और बड़े फैसले लिए हैं। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं और उन्हें अपनी ड्यूटी पर लौटने का सख्त फरमान जारी किया गया है। सबसे ज्यादा आपदा झेल रहे बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में राहत व बचाव कार्यों की प्रत्यक्ष निगरानी के लिए 3 वरिष्ठ आईएएस अफसरों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही नदियों के तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त इंजीनियरों की टीम मौके पर भेजी गई है।

जमीन पर उतरीं 90 रेस्क्यू टीमें

आपदा में फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचने के लिए कुल 90 बचाव टीमों को मैदान में उतारा गया है। इसमें ओड्राफ (ODRAF) की 36, एनडीआरएफ (NDRF) की 7 और अग्निशमन सेवा की 47 टीमें शामिल हैं जो दिन-रात राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। इस समय बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में बैतरणी, ब्राह्मणी, सालंदी, जलका और बूढ़ाबलंग जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी घुस गया है।

मछुआरों के समुद्र में जाने पर पाबंदी

मौसम में आए इस भयावह बदलाव के कारण तटीय इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन ने 16 से 18 अगस्त तक ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से सटे समुद्र में मछुआरों को न जाने की कड़ी हिदायत दी है। तटीय सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस लगातार गश्त लगाकर लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की चेतावनी दे रही है।

Tags:    

Similar News