CBI Director extension: प्रवीण सूद का कार्यकाल एक साल बढ़ा, केंद्र सरकार ने दी विस्तार को मंजूरी
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। अब वह मई 2027 तक भारत की प्रमुख जांच एजेंसी के प्रमुख बने रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली समिति ने निरंतरता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया है।
केंद्र सरकार ने देश की प्रमुख जांच एजेंसी, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और वर्तमान सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनके कार्यकाल को 24 मई, 2026 से आगे विस्तार देने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है, जिससे अब वह अगले साल तक एजेंसी की कमान संभालते रहेंगे।
बुधवार को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय चयन समिति की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया, जो सूद के नेतृत्व पर केंद्र सरकार के भरोसे को दर्शाता है। मई 2023 में कार्यभार संभालने वाले प्रवीण सूद ने अपने अब तक के कार्यकाल में कई हाई-प्रोफाइल और जटिल मामलों की जांच का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया है। उनके कार्यकाल के दौरान न केवल जांच प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया, बल्कि राज्य पुलिस बलों और अंतररष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय को भी मजबूती मिली है। प्रवीण सूद के नेतृत्व में सीबीआई ने भ्रष्टाचार, वित्तीय धोखाधड़ी और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में एजेंसी कई संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व के मामलों की जांच कर रही है, ऐसे में नेतृत्व का बने रहना जांच की गति और संगठन की स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का यह कदम प्रवर्तन निकायों में संस्थागत निरंतरता बनाए रखने की नीति के अनुरूप है।