संसद के आखिरी दौर में घमासान तय! राहुल-अमित शाह होंगे आमने-सामने...चढ़ेगा सियासी पारा
Rahul Gandhi-Amit Shah Face Off: संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी 2 कार्यदिवस बेहद हंगामेदार होने की संभावना है। राहुल गांधी और अमित शाह आमने-सामने हो सकते हैं। एंटी-पेपर लीक बिल, FCRA बिल, परिसीमन और छात्रों के आंदोलन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ गया है।
Rahul Gandhi-Amit Shah Face Off: संसद के वर्तमान मॉनसून सत्र का अंतिम दौर बेहद गहमागहमी भरा नजर आ रहा है। केवल अंतिम 2 कार्यदिवस शेष बचे होने के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच गई है। यद्यपि पूरा सत्र विपक्ष के तीखे विरोध प्रदर्शनों की भेंट चढ़ता दिखाई दिया, लेकिन सरकार ने कई प्रमुख विधेयकों को पटल पर रखकर पारित कराने में सफलता अर्जित की। पूरे सत्र में सबसे व्यापक और गंभीर चर्चा केवल 'एंटी-पेपर लीक बिल' पर ही हो सकी, जबकि अन्य विषयों पर लगातार हंगामा बना रहा।
छात्र आंदोलन का दबाव और मंत्री का इस्तीफा
सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी दलों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलित अभ्यर्थियों के समर्थन में सरकार पर तीखे हमले बोले। छात्रों पर हुए कथित बल प्रयोग के विषय को उठाकर विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को घेरा। अभ्यर्थियों के निरंतर प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव के चलते सत्र के पहले सप्ताह के समापन से पूर्व ही धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।
गृह मंत्री पर निशानेबाजी और FCRA बिल का पेंच
शिक्षा मंत्री के त्यागपत्र के पश्चात विपक्ष का ध्यान सीधे गृह मंत्री अमित शाह की ओर केंद्रित हो गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीधा आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए थे, हालांकि सरकार ने इस दावे का तुरंत खंडन किया। इसी तीखी नोकझोंक के बीच विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन (FCRA) विधेयक पर चर्चा प्रारंभ हुई। इस कानून पर उठ रही आपत्तियों को देखते हुए गृह मंत्री ने ईसाई समुदाय के प्रमुख प्रतिनिधियों से बातचीत कर सर्वसम्मति से कदम बढ़ाने का भरोसा दिया
JPC को भेजा जाएगा बिल? परिसीमन पर फंसा पेंच
राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति की महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने FCRA बिल को पूरी तरह वापस लेने या फिर इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को सौंपने की मांग रखी। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार अब इस विधेयक को JPC के विचारार्थ भेजने की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर, परिसीमन विधेयक पर सहमति बनाने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के साथ 3 दौर की वार्ता की। राहुल गांधी ने सर्वदलीय बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया, जिस पर रिजिजू ने स्पष्ट किया कि यदि विपक्ष सहयोग का रुख दिखाए तभी ऐसी बैठक का औचित्य बनता है।
बीजेपी का करारा हमला
संसदीय गतिरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। बीजेपी नेता ने कहा कि विपक्षी नेता सत्र के दौरान बहस में भाग लेने के बजाय विदेश चले जाते हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि विदेश जाने से पूर्व राहुल गांधी को गृह मंत्री अमित शाह का वक्तव्य सुनने का साहस प्रदर्शित करना चाहिए। बीजेपी ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल औपचारिक बयान देने के बजाय अभ्यर्थियों के आंदोलन से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से चर्चा कराने को पूरी तरह तैयार है।
PM की माफी पर अड़ा विपक्ष
दूसरी तरफ कांग्रेस ने अपना कड़ा रुख बरकरार रखते हुए घोषणा की कि जब तक प्रधानमंत्री प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई और अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर क्षमा नहीं मांगते, संसद में विरोध जारी रहेगा। राहुल गांधी ने कहा कि अभ्यर्थियों पर हुई कार्रवाई को लेकर सच्चाई सामने आनी चाहिए। अब देखना यह होगा कि मॉनसून सत्र के अंतिम समय में संसद किसी ठोस नतीजे पर पहुंच पाती है या यह सत्र भी हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा।