रांची में भयंकर बवाल! बैरिकेडिंग तोड़ पुलिस से भिड़े ABVP कार्यकर्ता, हिरासत में कई नेता
Ranchi ABVP-Police Clash: रांची में 14वीं JPSC PT परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ ABVP का प्रदर्शन उग्र हो गया। मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए निकले कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस से झड़प हुई और 8 से 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
Ranchi ABVP-Police Clash: झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधलियों के खिलाफ छात्रों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की झारखंड इकाई ने आंदोलनकारी युवाओं के पक्ष में जोरदार मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र हुए और वहां से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकल पड़े। इस विरोध प्रदर्शन के कारण शहर की प्रमुख सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बैरिकेडिंग तोड़ पुलिस से भिड़े छात्र
जैसे ही विरोध मार्च सिदो-कान्हू पार्क के पास पहुंचा, वहां मुस्तैद रांची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग कर दी। लेकिन आक्रोशित छात्र रुकने को तैयार नहीं थे। पुलिस द्वारा रोके जाने पर कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच तीखी बहस और झड़प शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आक्रोश जताने के लिए कई छात्र तपती सड़क पर ही लेट गए, जबकि कुछ अति-उत्साही प्रदर्शनकारी पुलिस के वाहनों के ऊपर चढ़कर सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे।
पुलिस हिरासत में प्रमुख छात्र नेताओं समेत 10 कार्यकर्ता
पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) अजय आर्यन ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षाबल तैनात किए गए थे। जब कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा घेरे को जबरन तोड़ने का प्रयास किया, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 8 से 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में लिए गए प्रमुख पदाधिकारियों में प्रदीप शेखावत, पशुपतिनाथ उपमन्यु और प्रकाश टुटी शामिल हैं, जिन्हें लालपुर थाने भेजा गया है।
हिरासत में लिए गए नेताओं का बड़ा आरोप
पुलिस वैन में बैठाए जाने के दौरान एबीवीपी के नेताओं ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस का यह कदम युवाओं और नौकरी की तलाश कर रहे छात्रों की जायज आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने साफ कहा कि उनका यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि सरकार की गलत नीतियों और भर्ती तंत्र में फैली अव्यवस्था के खिलाफ है। संगठन छात्रों को इंसाफ मिलने तक अपना आंदोलन जारी रखेगा।
14वीं JPSC PT परीक्षा तुरंत रद्द करने पर अड़े प्रदर्शनकारी
आंदोलनकारी छात्रों की मुख्य मांग 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) को तुरंत रद्द करना है। छात्रों का कहना है कि इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं, जिससे योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में नौकरी के इच्छुक युवाओं का धरना लगातार जारी है। छात्रों का आरोप है कि इतने दिनों से चल रहे विरोध के बावजूद राज्य सरकार उनकी वाजिब चिंताओं को पूरी तरह अनसुना कर रही है।
वार्ता विफल रहने से बढ़ा तनाव
झारखंड में सरकारी नौकरियों की पारदर्शी प्रक्रिया को लेकर उठ रही मांगों के बीच आंदोलन शनिवार को लगातार 15वें दिन में प्रवेश कर गया। हालांकि बीते दिनों राज्य सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच वार्ता आयोजित की गई थी, लेकिन बातचीत का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका। गतिरोध न टूटने के कारण अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और अब इस आंदोलन को विभिन्न छात्र संगठनों का भी खुला समर्थन मिलने लगा है।