Shivchandra Ram Resignation: लालू-तेजस्वी को बड़ा झटका, शिवचंद्र राम ने छोड़ी RJD, छलका दर्द
Shivchandra Ram Resignation: बिहार MLC चुनाव से पहले RJD को बड़ा झटका लगा है। पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने टिकट नहीं मिलने पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
Shivchandra Ram Resignation: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने सोमवार को RJD से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उन्होंने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने फैसले की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि एमएलसी चुनाव में टिकट नहीं मिलने से शिवचंद्र राम नाराज थे। पार्टी ने इस चुनाव में सुनील सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जिन्होंने सोमवार को अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया। इसके बाद शिवचंद्र राम ने प्रेस वार्ता बुलाकर अपनी नाराजगी सार्वजनिक कर दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हुए नेता
मीडिया से बातचीत के दौरान शिवचंद्र Ram काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 1990 से RJD के साथ जुड़े हुए हैं और लंबे समय तक पार्टी के लिए काम करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी द्वारा दिए गए हर जिम्मेदारी और निर्देश का उन्होंने पूरी ईमानदारी से पालन किया।अपनी बात रखते हुए शिवचंद्र राम कई बार भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जो परिस्थितियां बनीं, उससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।
"हमारे साथ न्याय नहीं हुआ"
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से उनके समाज के कई लोग पटना में मौजूद थे और सभी को उम्मीद थी कि उन्हें पार्टी की ओर से मौका मिलेगा। लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उनके समर्थक भी निराश और आहत हुए। शिवचंद्र राम ने कहा कि वह RJD के अनुसूचित जाति-जनजाति (SC-ST) प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी में अपने सभी पदों से भी त्यागपत्र देने का ऐलान किया।
भविष्य की रणनीति पर नहीं खोले पत्ते
जब उनसे आगे की राजनीतिक योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उचित समय आने पर वह इसकी जानकारी देंगे। फिलहाल उन्होंने अपने अगले कदम को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। हालांकि शिवचंद्र राम ने सीधे तौर पर इस्तीफे की वजह नहीं बताई, लेकिन उनके बयान से साफ संकेत मिला कि एमएलसी चुनाव में टिकट नहीं मिलने के कारण ही उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि उनसे सम्मान और अवसर देने का वादा किया गया था, लेकिन उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं।
बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
शिवचंद्र राम के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच किसी वरिष्ठ नेता का पार्टी छोड़ना RJD के लिए चिंता का विषय हो सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि शिवचंद्र राम आगे कौन सा राजनीतिक रास्ता चुनते हैं।