Bengal Politics: TMC में बड़ी बगावत! सुखेंदु शेखर से मिलने पहुंचे TMC के 5 सांसद, CM शुभेंदु भी पहुंचे दिल्ली
Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे के बाद दिल्ली में उनके आवास पर टीएमसी के 5 लोकसभा सांसदों की गुप्त बैठक हुई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दिल्ली पहुंचने से सियासी पारा चढ़ गया है।
Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मचा घमासान अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुका है। कोलकाता से शुरू हुई बगावत की यह आग अब देश की राजधानी दिल्ली तक फैल गई है, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। सोमवार को राज्यसभा सांसद पद और पार्टी से इस्तीफा देने वाले दिग्गज नेता सुखेंदु शेखर रॉय के सरकारी आवास पर अचानक टीएमसी के पांच लोकसभा सांसदों के पहुंचने से सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। दिल्ली के बंद कमरे में चल रही इस गुप्त बैठक के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि ममता बनर्जी के संसदीय दल में बहुत बड़ी टूट होने वाली है।
दिल्ली के बंद कमरे में नई खिचड़ी
सुखेंदु शेखर रॉय से मिलने पहुंचे इन पांच जनप्रतनधियों में बर्दमान पूर्व से सांसद शर्मिला सरकार, हावड़ा के लोकप्रिय सांसद प्रसून बनर्जी, कूचबिहार के सांसद जगदीश बसुनिया, झारग्राम के सांसद कालिपद सोरेन और बांकुरा के सासंद अरूप चक्रवर्ती का नाम शामिल है। एक साथ इतने बड़े सांसदों का बगावती सुर अपनाने वाले नेता के घर पहुंचना कोई सामान्य घटना नहीं है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि ये सभी सांसद ममता बनर्जी की कार्यशैली और पार्टी के भीतर फैले कथित भ्रष्टाचार से बेहद खफा हैं। सुखेंदु शेखर रॉय पिछले दस साल से ज्यादा समय से संसद में टीएमसी की सबसे मजबूत आवाज रहे हैं, ऐसे में उनका साथ छोड़कर जाना और फिर अन्य सांसदों का उनसे मिलना किसी बड़े सियासी भूचाल का साफ संकेत है।
बिखरता कुनबा और ढीली होती पकड़
इस नए घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बंगाल में विधायकों की बगावत को संभालने में नाकाम रही पार्टी कमान के हाथ से अब दिल्ली का किला भी खिसकता नजर आ रहा है। पार्टी के भीतर असंतोष की खाई इतनी गहरी हो चुकी है कि नेता अब खुलकर विद्रोह पर उतारू हो गए हैं। सुखेंदु शेखर रॉय के कड़े रुख के बाद इन पांच सांसदों की मौजूदगी ने ममता बनर्जी के खेमे में भारी बेचैनी पैदा कर दी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि ये सांसद भी जल्द ही कोई बड़ा और चौंकाने वाला फैसला ले सकते हैं।
बंगाल से दिल्ली तक बिछी सियासी बिसात
इस पूरे सियासी ड्रामे के बीच बंगाल में बगावत का झंडा बुलंद करने वाले नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने भी जलती आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने खुलकर दावा किया है कि वे लगातार कई बागी विधायकों के संपर्क में हैं और बहुत जल्द बंगाल विधानसभा के भीतर भी बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि टीएमसी के भीतर मची इस भारी उथल-पुथल के बीच पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी अचानक दिल्ली पहुंच चुके हैं। शुभेंदु अधिकारी का इस नाजुक मौके पर दिल्ली आना इस बात का साफ इशारा है कि विपक्ष इस स्थिति का पूरा फायदा उठाने के लिए रणनीति तैयार कर रहा है। अब देखना यह होगा कि ममता बनर्जी अपने इस बिखरते हुए कुनबे को कैसे बचा पाती हैं।