Illegal infiltration News: बंगाल बॉर्डर पर बड़ा एक्शन! BSF को मिली जमीन, घुसपैठ रोकने की तैयारी तेज

Illegal infiltration News: पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए BSF को जमीन सौंपने की प्रक्रिया शुरू हुई। 27 किलोमीटर क्षेत्र में बाड़ और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है।

Update:2026-05-20 20:29 IST

Illegal infiltration News: पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बीएसएफ को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे सीमा पर बाड़ लगाने और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में तेजी आएगी।

27 किलोमीटर क्षेत्र से हुई शुरुआत

बुधवार को आयोजित एक बैठक में राज्य सरकार की ओर से बीएसएफ को जमीन सौंपने का फैसला लिया गया। शुरुआत में भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े 27 किलोमीटर क्षेत्र के लिए जमीन दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दो हफ्तों के भीतर यह जमीन औपचारिक रूप से बीएसएफ को सौंप दी जाएगी।सरकार का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और जरूरत पड़ने पर आगे भी अन्य इलाकों में जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने पर जोर

बैठक में कहा गया कि पश्चिम बंगाल की सीमा का बड़ा हिस्सा अभी भी बिना बाड़ के है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार के अनुसार, पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश से करीब 2200 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। बताया गया कि इनमें से लगभग 1600 किलोमीटर क्षेत्र में बाड़ लग चुकी है, जबकि करीब 600 किलोमीटर हिस्सा अब भी खुला है। ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए तेजी से काम करने की योजना बनाई जा रही है।

सीमा क्षेत्रों में बढ़ेगा तालमेल

सरकार ने यह भी कहा कि सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ, पुलिस और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। इसके लिए जिला स्तर पर समन्वय बैठकों को फिर से शुरू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नियमित बैठकों से सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर तेजी से निर्णय लिए जा सकेंगे और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा।

अवैध घुसपैठ रोकने की तैयारी

राज्य सरकार ने अवैध घुसपैठ रोकने के लिए सख्त रुख अपनाने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, यदि पुलिस किसी संदिग्ध घुसपैठिए को पकड़ती है तो उसे आगे की कार्रवाई के लिए बीएसएफ को सौंपा जाएगा। सरकार का कहना है कि सीमा सुरक्षा मजबूत होने से अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

सीमा सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सरकार की ओर से आरोप लगाया गया कि पहले सीमा से जुड़े बुनियादी ढांचे के कामों में पर्याप्त सहयोग नहीं मिला, जिससे कई योजनाएं प्रभावित हुईं। हालांकि अब राज्य सरकार का दावा है कि सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तेजी से फैसले लिए जा रहे हैं। आने वाले समय में सीमा क्षेत्रों में और भी कई सुरक्षा परियोजनाओं पर काम शुरू किया जा सकता है।

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