बंगाल में बदला चुनावी गणित! BJP ने TMC बागियों को किया दरकिनार...शमिक भट्टाचार्य का बड़ा ऐलान

BJP Reject TMC Rebels: पश्चिम बंगाल के कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनाव से पहले बीजेपी ने बड़ा ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने साफ किया कि पार्टी किसी गठबंधन के बजाय अकेले चुनाव लड़ेगी। टीएमसी से बगावत करने वाले नेताओं को बीजेपी के इस फैसले से बड़ा झटका लगा है।

Update:2026-09-11 07:49 IST

BJP Reject TMC Rebels: पश्चिम बंगाल में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। कोलकाता और हावड़ा नगर निगम के चुनाव जल्द होने की उम्मीद जताई जा रही है। इन चुनावों की औपचारिक तारीखों का ऐलान भले ही अभी नहीं हुआ है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए तृणमूल कांग्रेस से बगावत करने वाले नेताओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह इन निकाय चुनावों में किसी भी दल के साथ हाथ मिलाने के बजाय अकेले मैदान में उतरेगी। पार्टी के इस रुख से उन बागी नेताओं को गहरा धक्का लगा है, जो बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का सपना संजोए बैठे थे।

TMC से बगावत करने वाले नेताओं का अलग गुट

हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस के भीतर एक बड़ी बगावत देखने को मिली थी। सायोनी घोष, काकोली घोष दस्तीदार, यूसुफ पठान और सुदीप बंदोपाध्याय जैसे कई प्रमुख चेहरों ने पार्टी से अलग होकर नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय कर लिया था। टीएमसी से अलग हुआ यह बागी गुट केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा होने के नाते राज्य में भी बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव मैदान में ताल ठोकने की आस लगाए बैठा था। हालांकि, बंगाल बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

अकेले चुनाव लड़ने का बीजेपी का मास्टरप्लान

बीजेपी के बंगाल प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने पार्टी के इरादे साफ करते हुए कहा कि राज्य में उनका कोई गठबंधन साझेदार नहीं है और पार्टी कोलकाता तथा हावड़ा में अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में भले ही कोई राजनीतिक समीकरण बने, लेकिन राज्य की परिस्थितियां अलग हैं। बीजेपी के स्थानीय नेताओं का मानना है कि जिन टीएमसी नेताओं के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने सालों तक संघर्ष किया और कुर्बानियां दीं, उनके साथ हाथ मिलाने से कैडर में गलत संदेश जाएगा। इसलिए पार्टी अपनी सांगठनिक ताकत और जमीनी कार्यकर्ताओं के बल पर ही जनता के बीच जाने को प्राथमिकता दे रही है।

निकाय सीटों और वार्डों के विस्तार की तैयारी

चुनाव से पहले कोलकाता और हावड़ा में परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर भी हलचल काफी तेज हो गई है। नए प्रस्ताव के तहत कोलकाता नगर निगम में वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 की जा सकती है, जबकि हावड़ा में वार्डों का आंकड़ा 50 से बढ़कर 68 होने की उम्मीद है। इस परिसीमन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो चुकी है। टीएमसी नेता कुणाल घोष का कहना है कि उनकी पार्टी चुनाव के लिए पूरी तरह मुस्तैद है, लेकिन परिसीमन के तरीकों पर उन्हें गंभीर आपत्तियां हैं।

उपचुनावों का संग्राम और बदलता राजनीतिक माहौल

निकाय चुनावों की आहट के बीच राज्य की दो अहम विधानसभा सीटों नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव भी आयोजित होने हैं। शुभेंदु अधिकारी और हुमायूं कबीर द्वारा अपनी सीटें छोड़े जाने के बाद यहां चुनाव की स्थिति बनी है, जिनके परिणाम 9 अक्टूबर को सामने आएंगे। राज्य में सत्ता परिवर्तन, टीएमसी के विभाजन और विधानसभा में अन्य दलों की मौजूदगी के बाद यह चुनाव बंगाल की भावी राजनीति की नई दिशा तय करने वाले साबित होंगे।

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