PM Fasal Bima Yojana : मध्य प्रदेश में अगले पांच वर्षों के लिए फसल बीमा योजना को मंजूरी

PM Fasal Bima Yojana : मध्य प्रदेश कैबिनेट ने किसानों को राहत देते हुए अगले पांच वर्षों के लिए फसल बीमा योजना को मंजूरी दी।

Update:2026-05-21 09:49 IST

PM Fasal Bima Yojana

भोपाल, 20 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने 'किसान कल्याण वर्ष' के दौरान किसानों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने बुधवार को 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' को अगले पांच वर्षों के लिए 11,608.47 करोड़ रुपए के भारी भरकम वित्तीय आवंटन के साथ जारी रखने की मंजूरी दी।इस निर्णय से राज्य के लाखों किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल के नुकसान से सुरक्षा मिलेगी।मध्य प्रदेश 2016 से इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी रहा है, विशेष रूप से फसल मूल्यांकन और उपज अनुमान के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से। राज्य ने इस योजना के तहत उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

2023-24 में 35.18 लाख किसानों को 961.68 करोड़ रुपए के दावों का भुगतान किया गया, जबकि 2024-25 में 35.56 लाख लाभार्थियों को 275.86 करोड़ रुपये वितरित किए गए। ये आंकड़े कृषि में जोखिम कम करने के लिए योजना की व्यापक पहुंच और महत्व को दर्शाते हैं।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत, किसान नाममात्र प्रीमियम का भुगतान करते हैं, खरीफ फसलों के लिए केवल 2 प्रतिशत, रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत।

शेष प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझा किया जाता है।राज्य ने सभी फसलों के लिए क्षतिपूर्ति स्तर 80 प्रतिशत निर्धारित किया है, जो आने वाले वर्षों में भी लागू रहेगा।कैबिनेट ने दो वैकल्पिक कार्यान्वयन मॉडलों में से किसी एक को अपनाने का विकल्प खुला रखा है: कप और अधिशेष साझाकरण 80-110 मॉडल या कप और कैप अधिशेष साझाकरण 60-130 मॉडल।

इन मॉडलों के गुणों के विस्तृत मूल्यांकन के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।दोनों मॉडलों में, बीमा कंपनियां दावों का एक बड़ा हिस्सा वहन करती हैं, जबकि कम दावों से उत्पन्न कोई भी अधिशेष सरकारों को वापस कर दिया जाता है।यह योजना वर्तमान में राज्य भर में 11 क्लस्टरों के माध्यम से लागू की जा रही है, जिसमें बीमा कंपनियों का चयन प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से किया जाता है।मध्य प्रदेश पारदर्शी और सटीक उपज मूल्यांकन के लिए उपग्रह आधारित रिमोट सेंसिंग तकनीक, मौसम डेटा सिस्टम और आधुनिक डेटा प्रबंधन फ्रेमवर्क का व्यापक रूप से उपयोग कर रहा है।

--आईएएनएस

एमएस/

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