प्रयागराज में सुपुर्द-ए-खाक हुआ अबान अहमद, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई, फूट-फूट कर रो पड़े उमर-अली
Aban Ahmed Buried: प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अतीक अहमद के 21 वर्षीय बेटे अबान अहमद को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अंतिम विदाई के दौरान जेल से कस्टडी पैरोल पर पहुंचे उमर और अली अपने छोटे भाई को देखकर भावुक हो गए।
Aban Ahmed Buried: 6 अगस्त को प्रयागराज से झांसी मार्ग पर हुए बेहद दुखद सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान को शुक्रवार के दिन सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अंतिम संस्कार की इस भावुक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अतीक के दोनों बड़े बेटे, मोहम्मद उमर और अली अहमद, इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली कस्टडी पैरोल के जरिए भारी सुरक्षा के बीच जेल से बाहर आए। दोनों भाइयों ने सबसे पहले मस्जिद में अबान के जनाजे की नमाज अदा की और फिर उसे कंधा दिया। अपने सबसे छोटे भाई का बेजान शरीर देखकर दोनों का सब्र जवाब दे गया और वे फूट-फूटकर रो पड़े।
पिता की कब्र के बगल में दफनाया गया अबान
प्रयागराज के कसारी-मसारी स्थित पैतृक कब्रिस्तान में सभी धार्मिक और पारंपरिक रस्में पूरी की गईं। 21 साल के अबान को उसके पिता अतीक अहमद की कब्र के ठीक बगल में ही दफनाया गया है। मिट्टी देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, उमर और अली ने कब्रिस्तान परिसर के अंदर ही अपने रिश्तेदारों और परिवार के बाकी सदस्यों से मुलाकात की। प्रशासन ने पहले ही साफ कर दिया था कि परिजनों से सीमित समय की मुलाकात पूरी होते ही दोनों भाइयों को पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा के बीच वापस उनकी संबंधित जेलों में भेज दिया जाएगा।
भाई एहजम के आते ही बेकाबू हुई भीड़
जनाजे के दौरान कसारी-मसारी कब्रिस्तान के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रखी गई थी। इसी बीच जब अतीक का चौथा बेटा एहजम कब्रिस्तान पहुंचा, तो वहां मौजूद लोगों और समर्थकों का भारी हुजूम अचानक आगे की ओर बढ़ गया। भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई कि लोग जबरन पुलिस की लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़कर कब्रिस्तान के अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। हालात बिगड़ने और माहौल तनावपूर्ण होने पर पुलिस प्रशासन को तुरंत कड़ा रुख अपनाना पड़ा। मुस्तैद जवानों ने हल्का बल प्रयोग करते हुए उपद्रवी और बेकाबू भीड़ को खदेड़कर बाहर किया।
कसारी-मसारी में उमड़ी हजारों की भीड़
अतीक के बेटों उमर और अली के जेल से बाहर आने और कब्रिस्तान में मौजूद होने की खबर फैलते ही पूरे कसारी-मसारी इलाके में हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। दोनों भाइयों को देखने और उनसे मिलने के लिए समर्थकों तथा स्थानीय निवासियों में भारी उत्सुकता देखी गई। कब्रिस्तान के अंदर से लेकर बाहर मुख्य सड़कों तक हर तरफ लोगों की भारी मौजूदगी रही। किसी भी अप्रिय घटना या स्थिति को टालने के लिए जिले के आला पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मुस्तैद रहे और पूरे इलाके की कड़ाई से निगरानी करते दिखे।