Aligarh News: नगला मऊ में विकास फिसला, हर गली में घुटने तक कीचड़, नेताओं की बेरुखी से लोग परेशान

Aligarh News: खैर विधानसभा के नगला मऊ गांव में जलभराव और घुटने तक कीचड़ से ग्रामीण परेशान हैं। लोगों ने विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाया।

Update:2026-08-14 14:35 IST

Aligarh News(Photo-Social Media)

Aligarh News: विधानसभा खैर के गांव नगला मऊ में विकास के सारे दावे बरसात के पहले ही पानी में बह गए हैं। यहां न सड़क बची है, नाली और न ही जनप्रतिनिधि। पूरे गांव की गलियों में आज कीचड़, गंदा पानी और बदबू का राज है। हालात इतने खराब हैं। कि ग्रामीणों का कहना है। कि एक भी गली ऐसी नहीं बची जहां घुटने तक कीचड़ और जलभराव न हो।

स्कूल और घर के बीच दलदल

बरसात शुरू होते ही नगला मऊ की मुख्य गलियां नालियों के गंदे पानी से लबालब भर गईं। नालियां जाम हैं, पानी निकासी का कोई रास्ता नहीं। इसी कीचड़ में से होकर गांव के मासूम बच्चे रोज स्कूल जाते हैं। किताब-कॉपी हाथ में और पैर कीचड़ में धंसे। आए दिन बच्चे और बुजुर्ग फिसलकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। बाइक और साइकिल सवारों का संतुलन बिगड़ना यहां आम बात हो गई है। ग्रामीण बताते हैं। कि एक बार गिरने के बाद कपड़े और शरीर दोनों गंदे हो जाते हैं, फिर भी मजबूरी में इसी रास्ते से आना-जाना पड़ता है।

शादी के रिश्ते भी हो रहे प्रभावित

गांव की बदहाली का असर अब सामाजिक जीवन पर भी पड़ने लगा है। बाहर से रिश्ते देखने आने वाले लोग गांव की गलियों की हालत देखकर लौट जाते हैं। कई परिवारों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में दो-तीन रिश्ते सिर्फ इसी वजह से टूट गए। लड़के-लड़कियों के परिजन कहते हैं। कि जब बुनियादी सुविधाएं ही नहीं हैं। तो रिश्ता कैसे जोड़ें।

शिकायतें गईं, सुनवाई नहीं

ग्रामीणों का आरोप है। कि इस समस्या को लेकर वे ग्राम प्रधान से लेकर तहसील प्रशासन, खैर विधायक, सांसद और जिला पंचायत सदस्य तक को लिखित शिकायत दे चुके हैं। कई बार फोन भी किए गए, लेकिन किसी ने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा। चुनाव के समय वोट मांगने आए नेताओं ने बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन जीत के बाद गांव की तरफ मुड़कर भी नहीं देखा। ग्रामीण अब थक हारकर कह रहे हैं। कि जनप्रतिनिधि सिर्फ चुनाव में हाथ जोड़ते हैं, बाकी समय जनता अपने हाल पर छोड़ दी जाती है।

आंदोलन की चेतावनी

नेताओं और प्रशासन की लगातार अनदेखी से गांव में भारी आक्रोश है। पंचायत की बैठक में तय किया गया कि अगर अगले 15 दिन में सड़कों और नालियों का निर्माण शुरू नहीं हुआ और जलभराव से मुक्ति नहीं मिली तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। साथ ही तहसील और जिला मुख्यालय का घेराव भी किया जाएगा। नगला मऊ की तस्वीर विधानसभा खैर के विकास मॉडल पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। जब बुनियादी रास्ते ही नहीं बचेंगे तो शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की बातें कैसे होंगी। अब देखना होगा कि शिकायतों के ढेर पर बैठे ‘माननीय’ इस बार जनता की आवाज सुनते हैं। या फिर कीचड़ में ही सब डूबा रहने देते हैं।

Tags:    

Similar News