Aligarh News: पुलिस लाइन में लहराया तिरंगा, जयघोष से गूंजा परिसर: राष्ट्रभक्ति' का दिया संदेश
Aligarh News: पुलिस लाइन में तिरंगा फहराया गया। बच्चों के जयघोष से परिसर गूंज उठा और कार्यक्रम में एकता व राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया।
Aligarh News(Photo-Social Media)
Aligarh News: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर अलीगढ़ पुलिस लाइन शुक्रवार को पूरी तरह तिरंगामय हो उठी। वामासारथी पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्षा श्रीमती प्रतीक्षा जादौन के नेतृत्व में स्कूली छात्र-छात्राओं और पुलिस परिवारों के साथ भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का उद्देश्य नई पीढ़ी में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करना था।
पुलिस लाइन परिसर सुबह से ही देशभक्ति के नारों से गूंज रहा था। हाथों में तिरंगा लिए छोटे-छोटे बच्चे, उनके साथ चल रही पुलिसकर्मियों की पत्नियां, बच्चे और परिजन एक कतार में चलते हुए परिसर का भ्रमण कर रहे थे। हर चेहरे पर गर्व और उत्साह साफ नजर आ रहा था। यात्रा के दौरान "भारत माता की जय", "वंदे मातरम" और "जय हिंद" के उद्घोष से पूरा माहौल राष्ट्रप्रेम से भर गया।
श्रीमती प्रतीक्षा जादौन ने यात्रा का नेतृत्व करते हुए कहा कि तिरंगा सिर्फ एक ध्वज नहीं है, यह हमारी एकता, अखंडता और शहादत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पुलिस परिवार और आमजन जब साथ मिलकर तिरंगा लहराते हैं तो समाज में एकता का संदेश और मजबूत होता है। वामासारथी एसोसिएशन हमेशा पुलिस परिवारों के कल्याण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता के कार्यक्रमों में भी सक्रिय रहती है। इसी कड़ी में यह तिरंगा यात्रा आयोजित की गई ताकि बच्चे बचपन से ही राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य को समझें।
तिरंगा यात्रा में शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं विशेष रूप से शामिल हुए। कई बच्चों ने अपने हाथों पर तिरंगा बनवाया था और कुछ ने देशभक्ति गीत गाते हुए कदम से कदम मिलाया। पुलिस परिवारों की महिलाओं ने भी पूरे जोश के साथ भागीदारी की। प्रतिभागियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से उनमें देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस लाइन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बच्चों से संवाद किया और उन्हें अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा के महत्व के बारे में बताया। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच समन्वय ही एक सुरक्षित और सशक्त समाज की नींव है। तिरंगा यात्रा ने इसी समन्वय को एक नई मिसाल दी। यात्रा के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया। इसके बाद बच्चों को प्रतीक चिन्ह और मिठाइयां वितरित की गईं। पूरे कार्यक्रम के दौरान परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और गरिमामय तरीके से संपन्न हो सके।
पुलिस लाइन में निकली यह तिरंगा यात्रा केवल एक जुलूस नहीं थी, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी को यह याद दिलाने का प्रयास थी कि आजादी की कीमत क्या है। और तिरंगे की शान को हमें कैसे बनाए रखना है। बच्चों की आंखों में चमक और हाथों में लहराता तिरंगा यही बता रहा था कि देशभक्ति की यह लौ आने वाले समय में और तेज होगी।