अपना दल (एस) की समीक्षा बैठक: अनुप्रिया पटेल ने आगामी चुनावों को लेकर कार्यकर्ताओं से किया संवाद
राजधानी लखनऊ में मंगलवार को अपना दल (एस) की संगठन समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस अहम बैठक
Lucknow News, Photo By: Ashutosh Tripathi
UP Politics: यूपी की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को अपना दल (एस) की संगठन समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस अहम बैठक में प्रदेश भर से आए पार्टी के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने पार्टी के आगामी लक्ष्य तय किए और 2027 के विधानसभा चुनाव और आगामी पंचायत चुनावों में पार्टी को अधिक से अधिक सीटें दिलाने के लिए रणनीति पर चर्चा की।
आरक्षण की लड़ाई में मिली बड़ी सफलता, कैबिनेट के फैसले का स्वागत
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने योगी सरकार द्वारा आउटसोर्सिंग में आरक्षण लागू करने के फैसले की सराहना की। उन्होंने इसे पार्टी की लंबे समय से चली आ रही मांग की जीत बताया। अनुप्रिया पटेल ने कहा कि हमने वर्षों से आउटसोर्सिंग की नियुक्तियों में आरक्षण की मांग उठाई थी, और आज उसे स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आउटसोर्सिंग के ज़रिए होने वाली नियुक्तियों में आरक्षण की व्यवस्था के अभाव में वंचित तबके के लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा था, लेकिन अब सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाया है।
जातीय जनगणना और अन्य मुद्दों पर
इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने पार्टी के अन्य प्रयासों का भी जिक्र करते हुए कहा कि हमारी एक और बड़ी मांग जाति आधारित जनगणना को भी मोदी सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इससे समाज के सभी वर्गों को उनकी हिस्सेदारी का सही मूल्यांकन मिल सकेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पार्टी जिन मुद्दों को उठाती है, वे जनता से जुड़े हुए हैं और ज़मीन से जुड़ी आवाज़ हैं, इसलिए सरकार तक इनकी गूंज पहुंचती है।
2027 की तैयारी का बिगुल, कार्यकर्ताओं को दिया लक्ष्य
बैठक में अनुप्रिया पटेल ने सभी कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों के लिए पूरी ताकत से जुट जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को आने वाले पंचायत और विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभानी है, और इसके लिए कार्यकर्ताओं को अभी से संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना होगा। वहीं अपना दल (एस) की यह संगठन समीक्षा बैठक न केवल आगामी चुनावों की तैयारी का शंखनाद थी, बल्कि पार्टी की पुरानी मांगों को पूरा होते देखने का उत्सव भी बन गई।