गजब का यू-टर्न! CM योगी की खातिर छोड़ी थी कुर्सी, अब चुपके से वापस लिया इस्तीफा

अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर, प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा वापस लेते हुए साफ किया कि उन पर कोई दबाव नहीं था और वह अब फिर से अपने काम पर लौट आए हैं। उन्होंने अपने भाई, विश्वजीत सिंह पर आपराधिक गतिविधियों, वसूली और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए। फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र विवाद पर प्रशांत ने कहा कि यह प्रमाणपत्र उसी कार्यालय से जारी हुआ था और मऊ के सीएमओ ने लिखित रूप से इसे असली बताया है।

Update:2026-01-31 18:16 IST

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में GST डिप्टी कमिश्नर, प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस फैसले को उन्होंने बिना किसी दबाव के लिया है और वह फिलहाल अपने दफ्तर में काम कर रहे हैं। इसके साथ ही, प्रशांत कुमार सिंह ने अपने भाई, विश्वजीत सिंह पर गंभीर आपराधिक आरोप भी लगाए हैं।

प्रशांत कुमार सिंह ने कहा, "मैंने अपना इस्तीफा पूरी तरह से अपनी इच्छा से वापस लिया है। मुझ पर कोई दबाव नहीं था। अब मैं अपने ऑफिस में हूं और काम कर रहा हूं।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय था।

भाई पर लगाये गंभीर आरोप

प्रशांत कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि उनके भाई, विश्वजीत सिंह, मऊ गैंग के सक्रिय सदस्य हैं और मुख्तार अंसारी का फाइनेंशियल एडवाइजर भी रह चुका है। उनके मुताबिक, विश्वजीत सिंह पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसने अपने माता-पिता के साथ मारपीट की थी, जिसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके भाई ने जियो ब्रांच मैनेजर को जान से मारने की धमकी दी और लोगों से पैसे की वसूली करता है। उन्होंने कहा, "उसका काम लोगों पर दबाव डालकर पैसे वसूल करना है, वह एक अपराधी है।"

फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र मामले पर सफाई

प्रशांत कुमार सिंह ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के मामले पर भी अपनी सफाई दी। उन्होंने बताया कि 2021 में उनके भाई ने मऊ के सीएमओ को एक आवेदन देकर यह कहा था कि उनका दिव्यांग प्रमाणपत्र फर्जी है, क्योंकि उसमें तारीख और डॉक्टरों के हस्ताक्षर नहीं थे।

प्रशांत ने कहा कि मऊ सीएमओ ने फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सीधे उनके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए, जबकि प्रमाणपत्र उसी कार्यालय से जारी हुआ था। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले यह जांच होनी चाहिए थी कि प्रमाणपत्र असली था या नहीं।

सीएमओ ने प्रमाणपत्र को असली बताया

प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने अयोध्या के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से प्रमाणपत्र की सत्यता के बारे में पूछा। मऊ के सीएमओ ने लिखकर पुष्टि की कि प्रमाणपत्र असली है। प्रशांत ने यह सवाल उठाया कि जब प्रमाणपत्र को असली घोषित किया जा चुका है, तो उसे बार-बार फर्जी क्यों कहा जा रहा है।

Tags:    

Similar News