Chandauli News: विश्व कल्याण की कामना से पुरुषोत्तम मास में शुरू हुआ अखंड राम चरित मानस का पाठ
Chandauli News: चंदौली में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर अखंड रामचरितमानस पाठ शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण और शांति की कामना की।
Chandauli News(Photo-Social Media)
Chandauli News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद के सकलडीहा क्षेत्र के तेनुवट गांव स्थित हनुमान मंदिर ठाकुर वाड़ी परिसर में विश्व कल्याण, मानव रक्षा और समस्त जीवों के मंगल की कामना को लेकर रविवार 17 मई से अखंड रामचरितमानस पाठ का शुभारंभ किया गया। यह धार्मिक अनुष्ठान पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर पूरे एक महीने तक निरंतर चलता रहेगा, जिसमें गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु बढ़-चढ़कर सहभागिता करेंगे। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में अखंड रामचरितमानस पाठ के आयोजन की यह चौथी कड़ी है। इस धार्मिक परंपरा की शुरुआत करीब दस वर्ष पूर्व गुरुदेव नागा बाबा के प्रेरणा से से ब्रह्मलीन आचार्य कृष्णकांताचार्य जी महाराज द्वारा की गई थी। उनके मार्गदर्शन से शुरू हुआ यह आयोजन अब गांव की एक स्थायी धार्मिक परंपरा बन चुका है। तभी से प्रत्येक पुरुषोत्तम मास में गांव के लोगों द्वारा सामूहिक रूप से अखंड रामचरितमानस पाठ, पूजन-अर्चन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता रहा है।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर पूरे ग्रामवासियों एवं भक्तों की ओर से संत सुनील दास ने विधिवत संकल्प लेकर पाठ की शुरुआत कराई। उन्होंने कहा कि धर्म, सेवा और भक्ति के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा ऐसे आयोजन जनकल्याण के साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।
वहीं इस मौके पर सर्वश्री सुमंत चौबे, हरिकृष्ण पांडे, विजय कुमार पांडे, रमाकांत पांडे, राजीव दीक्षित पूर्व प्रधान, केदार दीक्षित, सुभाष पांडे, राजेश दीक्षित, रविकांत पांडे, अखिल कुमार पांडे, राजेंद्र पांडे, गोविंद पांडे, संतोष पांडे, संजय पांडे, अंबरीष कुमार पांडे,अनिल कुमार तिवारी,परमानंद पांडे,रविंदर पांडे ,जयशंकर पाण्डेय,बनारसी खैरवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे गांव में धार्मिक उल्लास और उत्साह का माहौल बना हुआ है।कार्यक्रम में सहयोगी अश्विनी मिश्र के साथ यज्ञाचार्य रामविलाश पांडे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के माध्यम से कार्यक्रम की शुरुआत हुई।