Chandauli News: फैले साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा, शातिर गिरफ्तार, 100 म्यूल अकाउंट्स का पर्दाफाश
Chandauli News: चंदौली में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया। शातिर आरोपी गिरफ्तार हुए और 100 से अधिक म्यूल बैंक अकाउंट्स का पता चला।
Chandauli News(Photo-Social Media)
Chandauli News: ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के जरिए साइबर क्राइम करने वाले एक देशव्यापी गिरोह के खिलाफ चंदौली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना अलीनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 2 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश के 16 राज्यों में फैले अपने नेटवर्क के जरिए आम लोगों को निशाना बना रहा था। वर्तमान में चिन्हित 17 म्यूल खातों के खिलाफ NCRP (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) पर करीब ₹29 लाख की ठगी की 76 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
मुगलसराय के पास से हुई गिरफ्तारी
10 अगस्त को अलीनगर पुलिस और साइबर टीम संदिग्धों की तलाश में गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि फर्जी बैंक खातों का अवैध संचालन करने वाले गिरोह के सदस्य भागने की फिराक में डीआरएम ऑफिस (वीआईपी गेट मुगलसराय) के पास मौजूद हैं। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर रात करीब 9:52 बजे दो अभियुक्तों को दबोच लिया। इनके खिलाफ अलीनगर थाने में बीएनएस (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त और बरामद सामान
पुलिस द्वारा पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
नीतीश कुमार (उम्र 30 वर्ष) – निवासी: नवादा, बिहार।
अमन शर्मा (उम्र 27 वर्ष) – निवासी: सकलडीहा, चंदौली।
बरामदगी विवरण:
दस्तावेज व कार्ड: 8 बैंक खाता विवरण दस्तावेज, 5 पासबुक, 1 चेकबुक, 6 डेबिट कार्ड, 6 सिम कार्ड।
फर्जी आईडी: 2 कूटरचित पहचान पत्र (स्थानीय पते वाले फर्जी पहचान दस्तावेज)।
अन्य सामग्री: 3 स्मार्ट मोबाइल फोन और ₹650/- नगद।
इनके पास से मिले दस्तावेजों के मिलान से पता चला है कि इनके खातों से अब तक लगभग ₹7,20,725 के साइबर फ्रॉड का सीधा कनेक्शन मिल चुका है।
ठगी और फर्जीवाड़े का तरीका (मोडस ऑपरेंडी)
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहचान छिपाने के लिए चंदौली के स्थानीय पतों वाले एडिट किए गए फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करते थे। अमन शर्मा क्षेत्र में घूम-घूमकर भोले-भाले लोगों के नाम पर या खुद के नाम पर बैंकों में खाते खुलवाता था। वह उनके पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अपने पास जमा कर लेता था। इसके बाद नीतीश कुमार इन सभी खातों और बैंकिंग किट को अमन से लेकर बिहार के नवादा निवासी मुख्य सरगना सोनू सिंह तक पहुंचाता था। यह गिरोह लोगों को फर्जी लोन, मीशो डिलीवरी पार्सल रिफंड, पार्ट-टाइम जॉब, निवेश और फेसबुक विज्ञापनों का झांसा देकर देश भर में साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।
मुख्य सरगना की तलाश जारी
पुलिस टीम अब इस नेटवर्क के मुख्य सरगना सोनू सिंह (निवासी नवादा, बिहार) की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का मानना है कि सोनू सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस देशव्यापी गिरोह के कई और बड़े चेहरों का पर्दाफाश हो सकता है।