Chitrakoot News: कागजों में सैकड़ों गोवंश, जमीन पर आधे भी नहीं! भौंरी गौशाला पर उठे सवाल
Chitrakoot News: चित्रकूट की भौंरी गौशाला में बदहाल व्यवस्थाओं से किसान परेशान, फसलें बर्बाद होने के आरोप पर CDO ने जांच के निर्देश दिए।
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Chitrakoot News: जिले में संचालित अधिकांश गौशालाओं की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। गौशालाओं में नाममात्र का भूसा बचा है और बेजुवान गोवंश केवल चरवाहों के भरोसे किसी तरह जिंदा हैं। ऐसा ही हाल मानिकपुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम भौंरी में संचालित गौशाला का है, जहाँ संचालकों की मनमानी का खामियाजा स्थानीय किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
24 घंटे रखवाली के बाद भी फसलें हो रहीं चौपट
ग्रामीणों—अभिषेक, विनोद, रामकिशोर और छोटा साहू का कहना है कि गोवंशों के खुले में घूमने से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। 24 घंटे खेतों की रखवाली करने के बावजूद पलक झपकते ही अन्ना मवेशी खेतों को नष्ट कर रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि गौशाला परिसर में महीनों पुराना मलबा और गोबर जमा है, जिससे हल्की बारिश होते ही वहां भारी कीचड़ हो जाता है।
कागजों में सैकड़ा, धरातल पर आधा सैकड़ा गोवंश
किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि यदि गौशाला के कागजी अभिलेख (मासिक हाजिरी) देखे जाएं, तो उसमें गोवंशों की संख्या सैकड़ों में दर्ज मिलेगी। जबकि धरातल पर औचक निरीक्षण के दौरान आधा सैकड़ा (50) से भी कम जानवर नजर आते हैं। ग्रामीणों (झल्ला प्रसाद, भुल्ली राजपूत, गोपाल, मिर्चैया, चुन्नी पयासी, राजकुमार रैदास आदि) का कहना है कि जब भी किसी अधिकारी के आने की सूचना मिलती है, तो संचालक आनन-फानन में कुछ घंटों के लिए जानवरों को एकत्र कर लेते हैं। अधिकारियों के जाते ही जानवरों को पुनः छोड़ दिया जाता है। प्रधान से जुड़े कुछ लोग रोड और खेतों से जानवरों को थोड़ी दूर ले जाकर केवल फोटो खींचते हैं और फिर छोड़ देते हैं।
बेदहा, बकरा, गजका और वफाही क्षेत्र में गोवंशों का आतंक
बड़ी गौशाला होने के बावजूद प्रबंधन की लापरवाही के चलते भौंरी सहित आसपास के क्षेत्र—बेदहा, बकरा, गजका और वफाही में अन्ना जानवरों का भारी आतंक है। किसानों की शिकायत है कि कई बार गुहार लगाने के बाद भी उनकी बात कोई नहीं सुन रहा है।
CDO ने दिए कड़े निर्देश, बीडीओ को तत्काल निरीक्षण का आदेश
मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्य विकास अधिकारी (CDO) देवी प्रसाद पाल ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित खंड विकास अधिकारी (BDO) को निर्देश दिया है कि तत्काल भौंरी गौशाला का स्थलीय निरीक्षण किया जाए और वर्तमान स्थिति की फोटो भेजी जाए। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि यदि व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं पाई गईं, तो संबंधित ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी तथा गौशाला की व्यवस्थाओं को तत्काल सुचारु कराया जाएगा।