Etah News: नौ साल पुराने मारपीट-छेड़छाड़ मामले में दो दोषियों पर तीन-तीन हजार जुर्माना
Etah News: एटा की एससी/एसटी एक्ट अदालत ने नौ साल पुराने मारपीट-छेड़छाड़ मामले में दो अभियुक्तों को दोषी ठहराकर तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना लगाया।
Etah News: ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के चलते एटा की एससी/एसटी एक्ट अदालत ने वर्ष 2017 के मारहरा थाना क्षेत्र से जुड़े मारपीट और छेड़छाड़ के मामले में दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा इलामारन जि के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी का परिणाम है।
पुलिस के मुताबिक 13 सितंबर 2017 को एक व्यक्ति ने थाना मारहरा में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 12 सितंबर को उसके, उसकी पत्नी और पुत्र के साथ मारपीट की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 362/2017 दर्ज किया था। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504, 354 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)V के तहत मामला दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य संकलन और अन्य विवेचनात्मक कार्रवाई पूरी करते हुए हिम्मतपुर काकामई निवासी डैनी उर्फ धर्मेंद्र पुत्र विजय सिंह और राघवेंद्र उर्फ नीटू पुत्र विजय सिंह को अभियुक्त बनाया। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद 30 अक्टूबर 2017 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शासन के निर्देशों और पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत चिन्हित अभियोगों में प्राथमिकता के आधार पर न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जा रही है। इसी क्रम में मॉनिटरिंग सेल ने मामले की लगातार निगरानी की और अभियोजन शाखा ने भी प्रभावी पैरवी की।इसके परिणामस्वरूप 12 अगस्त 2026 को एससी/एसटी एक्ट कोर्ट, एटा ने दोनों अभियुक्तों डैनी उर्फ धर्मेंद्र और राघवेंद्र उर्फ नीटू को तीन-तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
Etah News: 20 साल पुराने पुलिस कस्टडी में मौत मामले में बड़ा फैसला,जिला जज ने दो पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई
Etah News: एटा के विशेष सत्र न्यायालय राकेश धर त्रिपाठी ने वर्ष 2005 के चर्चित मोहरपाल हत्याकांड में करीब 20 साल बाद फैसला सुनाते हुए दो तत्कालीन पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने तत्कालीन दरोगा गजराज सिंह और सिपाही महावीर सिंह को धारा 302/34 आईपीसी के तहत उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने मामले में अन्य धाराओं में भी दोनों दोषियों को सजा सुनाई है। धारा 201 आईपीसी में सात-सात वर्ष, धारा 504 में एक-एक वर्ष, धारा 506 में दो-दो वर्ष तथा धारा 342 में एक-एक वर्ष के कारावास का आदेश दिया गया है।
अदालत के मुताबिक मोहरपाल को पुलिसकर्मी गांव से पकड़कर थाना जैथरा ले गए थे। आरोप था कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद पुलिस कस्टडी में उसकी मौत हो गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर माना कि पुलिसकर्मियों द्वारा मोहरपाल को थाने ले जाने, कस्टडी में मारपीट करने और घटना से जुड़े साक्ष्य मिटाने का प्रयास किए जाने का मामला साबित हुआ।
मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी मनीष यादव और सिपाही मिठई लाल भी आरोपी बनाए गए थे, लेकिन मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोनों की मृत्यु हो चुकी है।
करीब दो दशक तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष सत्र न्यायालय का फैसला सामने आया है। अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए दोनों पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।