इलाज से पहले रेफर, इलाज के अभाव में मासूम की मौत: मेडिकल कॉलेज की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
Etah News,: एटा मेडिकल कॉलेज में इलाज न मिलने के आरोप के बीच पांच वर्षीय बच्ची की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल।
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Etah News: एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज से जुड़ा एक मामला स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि पांच वर्षीय बच्ची को तेज बुखार की हालत में मेडिकल कॉलेज लाया गया, लेकिन उसे समुचित उपचार देने के बजाय रेफर कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि इलाज के अभाव में बच्ची की मौत हो गई।मृतक बच्ची के पिता वीरपाल, जो फिरोजाबाद जनपद के एका क्षेत्र के निवासी हैं और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ने बताया कि उनकी पांच वर्षीय बेटी को तेज बुखार आने पर वह उसे उपचार के लिए एटा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे।
उनका आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों ने बच्ची का ठीक से परीक्षण तक नहीं किया और आगरा अथवा सैफई ले जाने की बात कहकर रेफर कर दिया।परिजनों के अनुसार, उन्होंने चिकित्सकों से बच्ची को देखने और तत्काल उपचार देने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी बीच बच्ची की हालत बिगड़ती चली गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मामले का सबसे दुखद पहलू यह बताया जा रहा है कि बच्ची की मौत के बाद भी परिजन घंटों तक मदद की गुहार लगाते रहे। उनका आरोप है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन और संबंधित कर्मचारियों ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया। परिजनों को बच्ची के शव को घर तक ले जाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा।यदि परिजनों के आरोप सही हैं, तो यह मामला केवल चिकित्सकीय लापरवाही का नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं के अभाव का भी प्रतीक है। गरीब परिवार की मासूम बच्ची की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।