Firozabad News: अघोषित बिजली कटौती से नाराज किसानों का प्रदर्शन, फीडर पर अर्थी जलाकर किया विरोध
Firozabad News: फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में अघोषित बिजली कटौती और कम वोल्टेज से परेशान किसानों ने माधवगंज फीडर पर धरना दिया और बिजली विभाग की अर्थी जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
Firozabad News(Photo-Social Media)
Firozabad News: फिरोजाबाद के शिकोहाबाद क्षेत्र में भीषण गर्मी और लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के विरोध में बुधवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय किसान क्रांति यूनियन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और पदाधिकारी माधवगंज फीडर पहुंचे, जहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन करते हुए विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से बिजली विभाग की अर्थी बनाकर फीडर गेट के सामने रखी और बाद में उसे जलाकर विरोध दर्ज कराया।
धरना प्रदर्शन भारतीय किसान क्रांति यूनियन के ब्रज प्रांत अध्यक्ष योगेश यादव और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पुष्पेंद्र यादव के नेतृत्व में किया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली कटौती, कम वोल्टेज और सिंचाई के समय पर्याप्त बिजली न मिलने से किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।
किसानों का कहना था कि उन्हें रातभर खेतों में बिजली आने का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन समय पर आपूर्ति नहीं होने से फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा माधवगंज बिजलीघर पर कई महीनों से बंद पड़े ट्रांसफॉर्मर को चालू न किए जाने को लेकर भी किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। किसानों का आरोप था कि बार-बार शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं। भीषण गर्मी में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग बिजली संकट से परेशान हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जब लंबे समय तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो प्रदर्शनकारी किसान और अधिक आक्रोशित हो गए। इसके बाद किसान नेताओं ने बिजली विभाग की प्रतीकात्मक अर्थी जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मामले की जानकारी मिलने पर अधिशासी अभियंता आतिश आनंद और जूनियर इंजीनियर अजय कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और कुछ समस्याओं का तत्काल समाधान भी कराया। साथ ही जल्द बाकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया, हालांकि किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।