Gorakhpur News: उफ! एक तरफ डॉक्टर पिता की चिता चल रही थी, दूसरी तरफ पत्नी ने बेटी को दिया जन्म

Gorakhpur News: अबीशो के पिता डेविड ई सेना से सेवानिवृत्त हैं। बड़ा भाई डॉ. अभिनव डेविड त्रिवेंद्रम में आर्थो के सरकारी चिकित्सक हैं।

Update:2025-07-15 18:41 IST

Gorakhpur News

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के कमरे में मृत मिले जूनियर डॉक्टर अबीशो डीजे और उनकी पत्नी की जिंदगी से नियति ने क्रूर मजाक किया। एक तरफ जूनियर डॉक्टर की चिता जल रही थी, दूसरी तरफ उनकी डॉक्टर पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। इस घटना को जिसने भी सुना वह उफ कहकर रह गया।

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजिडेंट का शव हास्टल के कमरे में मिला था। जिसके बाद परिवार वाले शव को केरल लेकर चले गए। सोमवार को डॉक्टर का दाह संस्कार किया गया। दाह संस्कार के दौरान ही उनकी पत्नी डॉ.निमिषा को प्रसव पीड़ा हुई। जिसके बाद उन्होंने बेटी को जन्म दिया। बता दें कि बीते शनिवार को पोस्टमार्टम किया गया।

रिपोर्ट अभी नहीं आई है, लेकिन मौत को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। कोई इसे दवा का ओवरडोज का मामला बता रहा है तो कोई शराब सेवन को। हकीकत क्या है यह तो बाद में पता चलेगा। लेकिन डॉक्टर अनिंद्रा की बीमारी से बुरी तरह जूझ रहे थे। करीब से जानने वालों का कहना है कि डॉक्टर तीन से चार दिन तक नहीं सोते थे। इसीलिए पत्नी द्वारा सोने जाने की बात कहने के भी डॉक्टर ने उसे 12 बजे के बाद खाना खाते समय की सेल्फी भेजी।

डेढ़ साल पहले हुई थी शादी

अबीशो के पिता डेविड ई सेना से सेवानिवृत्त हैं। बड़ा भाई डॉ. अभिनव डेविड त्रिवेंद्रम में आर्थो के सरकारी चिकित्सक हैं। अबीशो डीजे के ससुर सेल्वेराम ने बताया कि वह खुद रिटायर मिलिट्री मैन हैं। उन्होंने अपनी बेटी निमिषा की शादी डेढ़ वर्ष पहले की थी। जबकि भाई अभिनव ने बताया कि निमिषा त्रिवेंद्रम मेडिकल कॉलेज से गायनेकोलॉजी से पीजी फर्स्ट ईयर की छात्रा हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव को एम्बुलेंस से लखनऊ या दिल्ली ले जाने के बाद वहां से फ्लाइट के माध्यम से त्रिवेंद्रम ले जाया गया था। त्रिवेंद्रम में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया।

डॉक्टर को थी नींद की समस्या

जूनियर डॉक्टर के बड़े भाई और ससुर सहित परिवार के अन्य लोग शनिवार की सुबह बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। बड़े भाई डॉ. अभिनव डेविड ने कहा कि अबीशो की दस जुलाई की रात में मां से बात हुई थी। उसने बुखार और पैर में दर्द की बात कही थी। बस इतनी सी बात को लेकर कोई खुदकुशी थोड़े ही कर सकता है।

वहीं ससुर का कहना है कि दामाद को नींद की समस्या थी इसके लिए वह शराब और दवा का सेवन कर रहे थे। दवा की ओवरडोज की वजह से ससुर ने मौत की आशंका जताई है। ससुर ने बताया कि दामाद को कुछ दिनों से नींद की समस्या थी। वह तीन चार दिनों तक सो नहीं पाते थे। इसके लिए उन्होंने शराब पीनी शुरू कर दी थी। आशंका है कि नींद लाने के लिए कई दवाओं का उपयोग भी करना शुरू कर दिया। शायद घटना की रात किसी दवा के ओवरडोज होने से ही उनकी मौत हो गई है।

हास्टल में तीन महीने रही थी पत्नी

बीआरडी में जूनियर डॉक्टर की मौत की एक वजह नींद के लिए शराब के साथ दवा का ओवरडोज भी एक वजह हो सकती है। डॉक्टर अबीशो पत्नी के साथ तीन महीने तक हॉस्टल में रहे पर पत्नी के जाने के बाद से वह कुछ परेशान रहने लगे थे। यह बात घरवालों से बातचीत में सामने आ रही है। बड़े भाई डाक्टर अभिनव ने बताया कि उनका भाई शुरू से ही पढ़ने लिखने में होनहार था,डेढ़ वर्ष पहले उसकी शादी एमबीबीएस लड़की निमिषा से धूमधाम से हुई थी। वर्तमान में निमिषा त्रिवेंद्रम मेडिकल कालेज से गायनेकोलॉजी से पीजी कर रही है।

नवंबर 2024 में गोरखपुर अपने पति से मिलने आई थी। तीन महीने दोनों साथ रहे, इस दौरान दोनों कई जगह घूमने भी गए थे। अबीशो अपनी पत्नी के साथ दिसंबर 2024 में वाराणसी घूमने गया था। 27 मार्च को हॉस्टल में दोनों ने एक साथ तस्वीर भी खींची थी,जिसे सोशल मीडिया पर शेयर भी किया गया है। उसे वाइल्ड लाइव फोटो ग्राफी का बड़ा शौक था।

ससुर सेल्वेराम ने बताया कि वह अक्सर जहां कही जाता था तो वहां की तस्वीर बेटी के नंबर पर भेजता था। घटना की रात अबीषो ने बेटी से दस बजे के करीब बातचीत किया और पढ़ने की बात कहकर बात बंद कर दी थी। रात करीब बारह बजे जब वह खाने खाने गया तो अंतिम बार बेटी को खाना खाने का फोटो भेजा था। यही वजह है कि परिवारीजन खुदकुशी से इंकार कर रहे हैं।

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