Hapur News : जनवरी 2026 से खुलेेंगे प्रधानमंत्री पशु औषधि केंद्र, पशुओं की दवाएं मिलेंगी सस्ती
Hapur News : जनवरी 2026 से हर ब्लॉक पर खुलेगा प्रधानमंत्री पशु औषधि केंद्र, जिससे पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तायुक्त दवाएं मिल सकेंगी।
जनवरी 2026 से हर ब्लॉक पर खुलेगा प्रधानमंत्री पशु औषधि केंद्र (Image From Social Media )
Hapur News:- पशुपालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब इंसानों की तरह पशुओं को भी सस्ती और गुणवत्तायुक्त दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री पशु औषधि केंद्र खोलने जा रही है। यह केंद्र बिल्कुल प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र की तर्ज पर तैयार किए जाएंगे, जहाँ पशुओं की दवाएं बाजार से 50 से 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध होंगी।पशुपालन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है और जनवरी 2026 से इन केंद्रों के संचालन की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए इच्छुक फार्मासिस्ट और मेडिकल लाइसेंसधारक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
पशुपालकों को मिलेगा बड़ा लाभ,खत्म होगी महंगी दवा की मार
प्रदेशभर के लाखों पशुपालकों को वर्षों से पशु दवाओं महंगी मिलने की शिकायत थी। कई बार दवाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े होते रहे हैं, क्योंकि इनके सैंपल न तो पशुपालन विभाग लेता है और न ही ड्रग विभाग। ऐसे में कम गुणवत्ता और महंगी दवाएं ही उनका विकल्प बन जाती थीं।अब नए पशु औषधि केंद्र खुलने के बाद,
दवाएं किफायती कीमतों पर मिलेंगी।गुणवत्ता का सरकारी स्तर पर नियंत्रण रहेगा.पशुपालकों का हजारों रुपये का खर्च बचेगा।ग्रामीण क्षेत्रों में तुरंत दवा उपलब्धता सुनिश्चित होगी।सरकार का दावा है कि इससे डेयरी और पशुपालन कारोबार करने वाले परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
प्रारंभिक चरण में हर ब्लॉक पर एक केंद्र
पशुपालन विभाग के मुताबिक, पहले चरण में प्रदेश के हर ब्लॉक मुख्यालय पर एक प्रधानमंत्री पशु औषधि केंद्र खोला जाएगा। बाद में आवश्यकता के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।पशु अस्पतालों के माध्यम से इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें।
ऐसे करें आवेदन,ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू
प्रधानमंत्री पशु औषधि केंद्र खोलने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है।फार्मासिस्ट या लाइसेंसधारक मेडिकल स्टोर संचालक आवेदन कर सकते हैं।आवेदन हेतु पोर्टल:pashuaushadhi.dahd.gov.in इस पोर्टल पर केंद्र खोलने की शर्तें, आवश्यक दस्तावेज और पात्रता की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।
जिम्मेदारों ने क्या कहा?
डॉ. ओपी मिश्रा, मुख्य पशुधन अधिकारी “इन केंद्रों पर गुणवत्ता परक दवाएं उपलब्ध होंगी। अभी पशुपालक महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं, लेकिन अब मामूली कीमत पर दवा उपलब्ध हो सकेगी। योजना का प्रचार शुरू कर दिया गया है।”
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
यूपी देश में डेयरी और पशुपालन के बड़े राज्यों में शामिल है प्रदेश में लाखों पशुपालक हर महीने दवाओं पर भारी खर्च करते हैंदवाओं की गुणवत्ता पर नियंत्रण न होने से नुकसान भी उठाना पड़ता है।केंद्र खुलने के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधी मजबूती मिलेगी।