Hardoi News: अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
Hardoi News: हरदोई के कछौना बाल मित्र केंद्र में परिवार दिवस पर कार्यक्रम हुआ। बच्चों की सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट और जागरूकता पर अभिभावकों को जानकारी दी गई।
अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित (Photo- Newstrack)
Hardoi News: हरदोई के कछौना क्षेत्र स्थित बाल मित्र केंद्र में अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम समाधान अभियान और इंडिया पेस्टीसाइड लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से संचालित “चुप्पी तोड़; हल्ला बोल” परियोजना के तहत किया गया।
कार्यक्रम में बाल यौन शोषण से प्रभावित बच्चों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान बच्चों को उपहार भी वितरित किए गए, जिससे उनके चेहरों पर खुशी दिखाई दी।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परिवारों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और बाल यौन शोषण जैसी गंभीर समस्याओं से बचाव के उपायों की जानकारी देना था।
इस दौरान अभिभावकों को पॉक्सो एक्ट सहित बच्चों से जुड़े कानूनी अधिकारों और सुरक्षा प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया। विशेषज्ञों ने परिवारों को यह भी समझाया कि बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करना और उनका विश्वास जीतना किस तरह उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है।
बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोग करे
आयोजन में मौजूद लोगों को बाल मित्र केंद्र की कार्यप्रणाली और वहां बच्चों के हित में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोग करे। परिवार और समाज की जागरूकता से ही बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सब इंस्पेक्टर राजेश सिंह और सब इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान परिवारों को संवेदनशील बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस या संबंधित संस्थाओं से संपर्क करने की अपील की।बाल मित्र केंद्र के समन्वयक मृदुल अवस्थी ने बताया कि समाधान अभियान और इंडिया पेस्टिसाइड्स लिमिटेड आगे भी बच्चों की सुरक्षा और परिवारों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे। उनका कहना था कि बच्चों के लिए सुरक्षित, सहयोगपूर्ण और संवेदनशील माहौल तैयार करना समाज की साझा जिम्मेदारी है।