Hardoi News: मातम में बदलीं कलश यात्रा की खुशियां, गंगा में डूबने से किशोरी की मौत
Hardoi News: हरदोई में कलश यात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गंगा में स्नान के समय एक किशोरी की डूबने से मौत हो गई, जिससे खुशी का माहौल मातम में बदल गया।
Hardoi News(Photo-Social Media)
Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद के बिलग्राम क्षेत्र स्थित नोखेपुरवा गंगा घाट पर सोमवार को एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बड़ा हादसा हो गया। देवी मंदिर में चल रही भागवत कथा के उपलक्ष्य में निकाली गई कलश यात्रा उस समय दर्दनाक हादसे में बदल गई, जब स्नान के दौरान पांच बच्चे गंगा की तेज धारा में बहने लगे। हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हुए थे। पूजा-अर्चना के बाद कुछ बच्चे गंगा में स्नान करने लगे। इसी दौरान अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आने से पांचों बच्चे डूबने लगे।
ग्रामीणों ने नदी में कूदकर बचाईं तीन की जान
वहीं बच्चों को पानी में संघर्ष करता देख मौके पर मौजूद ग्रामीण तुरंत गंगा में कूद पड़े और राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की तत्परता से स्नेहा, सोनम और अंशी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि म्योरा मोड़ निवासी रविशंकर की 14 वर्षीय बेटी संध्या को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। संध्या की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
दो बहनों में दूसरे नंबर पर थी संध्या
बताया गया कि संध्या दो बहनों में दूसरे नंबर की थी और परिवार की बेहद चहेती थी। धार्मिक कार्यक्रम की खुशियां कुछ ही पलों में मातम में बदल गईं। गांव में घटना के बाद शोक का माहौल है।
एक किशोर अब भी लापता
वहीं म्योरा निवासी राजेश का पुत्र ओमजी हादसे के बाद से लापता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ टीम को भी तलाश अभियान में लगाया गया। देर रात तक गंगा किनारे सर्च ऑपरेशन चलता रहा, लेकिन ओमजी का कोई सुराग नहीं मिल सका।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
वहीं इस बाबत जानकारी देते हुए सीओ बिलग्राम रवि प्रकाश ने बताया कि, लापता किशोर की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। वहीं मृतका संध्या के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जिस गांव में धार्मिक आयोजन को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल था, वहां अब गहरा मातम पसरा हुआ है।