Hardoi: फोरलेन परियोजना पर सियासी तकरार, सांसद जयप्रकाश रावत बोले—मेहनत मेरी, जानकारी किसी और को
Hardoi News: हरदोई में फोरलेन सड़क परियोजना को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सांसद जयप्रकाश रावत ने आरोप लगाया कि परियोजना के लिए प्रयास उन्होंने किए, लेकिन उन्हें ही इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
Hardoi News
Hardoi News: हरदोई से सांसद जयप्रकाश रावत ने एक बार फिर शहर के विकास कार्यों और आपसी समन्वय को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि नए खेतुई से पिहानी चुंगी तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क परियोजना को मंजूरी दिलाने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए। इस दौरान उन्होंने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों से लेकर शासन स्तर तक कई बार बातचीत की और इस परियोजना को जल्द स्वीकृति दिलाने की मांग रखी।सांसद ने बताया कि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि योगी आदित्यनाथ के विदेश दौरे से लौटने के बाद इस सड़क को हरी झंडी मिल जाएगी।
जबकि इस परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है, उन्होंने इसे शहर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें इस बारे में आधिकारिक रूप से जानकारी नहीं दी गई, जो निराशाजनक है।बिना किसी का नाम लिए उन्होंने संकेतों में कहा कि शहर के विकास कार्यों में सभी जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे हरदोई के लिए 77 करोड़ रुपये के प्रस्ताव ला चुके हैं और आगे भी कई योजनाएं लंबित हैं। यदि अन्य जनप्रतिनिधि चाहें तो उनके साथ मिलकर काम कर सकते हैं, जिससे शहर का समग्र विकास संभव हो सके।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के कार्यशाली पर नाराज
सांसद ने शहर में सीवर लाइन और जल निकासी की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि इन मुद्दों पर वे लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों का श्रेय लेने की होड़ के बजाय जमीनी स्तर पर काम करना अधिक जरूरी है। उनके अनुसार, जनता यह जानना चाहती है कि वास्तविक काम क्या हुआ है, न कि केवल उसका प्रचार।अपने पुराने कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1991 से 2004 के बीच सांसद रहते हुए उन्होंने हरदोई में कई ऐसे कार्य कराए, जिनका लाभ आज भी दिखाई देता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पिछले वर्षों में शहर में कोई बड़ा काम गिनाने में कुछ लोग असहज नजर आते हैं।
सांसद ने एक अन्य मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी सरकारी निर्माण कार्य में स्थानीय सांसद और विधायक का नाम शिलापट्ट पर होना चाहिए। इसके बावजूद हाल ही में शहर के सिनेमा चौराहे पर स्थापित भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा के शिलापट्ट में उनका नाम नहीं था। इस संबंध में उन्होंने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से जानकारी मांगी, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शासन के निर्देशों की अनदेखी करना उचित नहीं है और इस तरह की कार्यशैली से बचना चाहिए। अंत में सांसद ने दोहराया कि वे हरदोई के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और सभी को मिलकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि शहर को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।