‘राम रसोई’ तक पहुंची ईरान जंग की आंच...मिडिल ईस्ट वॉर के चलते लगा ताला, हनुमानगढ़ी पर भी संकट

Ayodhya LPG Gas Shortage: अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हालातों का असर अब स्थानीय धार्मिक व्यवस्था और कारोबार पर भी दिखने लगा है।

Update:2026-03-11 11:50 IST

Ayodhya LPG Gas Shortage

Ayodhya LPG Gas Shortage: अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हालातों का असर अब स्थानीय धार्मिक व्यवस्था और कारोबार पर भी दिखने लगा है। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक तनाव और आपूर्ति बाधाओं का असर एलपीजी गैस सप्लाई पर पड़ा है, जिससे शहर के कई मठ-मंदिरों की सामूहिक रसोइयों और प्रसाद निर्माण पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

सामूहिक भोजन सेवा बंद 

सबसे बड़ा असर अमावा मंदिर की प्रसिद्ध ‘श्रीराम रसोई’ पर पड़ा है। गैस की कमी के कारण मंदिर प्रशासन को इस सामूहिक भोजन सेवा को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। यह रसोई प्रतिदिन लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन कराती थी। मंदिर परिसर के बाहर इस संबंध में एक नोटिस भी लगा दिया गया है, जिसमें गैस की आपूर्ति सामान्य होने तक सेवा स्थगित रहने की जानकारी दी गई है।


मंदिर के मैनेजर पंकज कुमार के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हालातों और आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के कारण एलपीजी गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसी वजह से रसोई को तय समय से पहले बंद करने का फैसला लेना पड़ा। उन्होंने बताया कि जैसे ही गैस की सप्लाई सामान्य होगी, ‘श्रीराम रसोई’ की सेवा दोबारा शुरू कर दी जाएगी। इस फैसले का असर उन हजारों श्रद्धालुओं पर पड़ा है जो दूर-दराज से दर्शन के लिए आते हैं और यहां मिलने वाले निःशुल्क भोजन पर निर्भर रहते हैं।

हनुमानगढ़ी के लड्डू प्रसाद पर भी संकट

गैस संकट का असर हनुमानगढ़ी के आसपास के प्रसाद कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। यहां करीब 150 दुकानदार लड्डू प्रसाद तैयार करके बेचते हैं, लेकिन गैस की कमी के कारण उत्पादन लगभग ठप हो गया है। प्रसाद विक्रेता नंद कुमार गुप्ता का कहना है कि फिलहाल दुकानों में सिर्फ पुराना स्टॉक ही बेचा जा रहा है, क्योंकि नए लड्डू बनाने के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध नहीं है। आमतौर पर यहां हर दुकानदार रोजाना 30 से 40 किलो तक लड्डू तैयार करता है, जो श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में बेहद लोकप्रिय हैं। लेकिन मौजूदा हालात में उत्पादन रुकने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान का डर भी सता रहा है। उनका कहना है कि अगर यही स्थिति जारी रही तो अयोध्या का प्रसिद्ध प्रसाद उद्योग भी प्रभावित हो सकता है।

इस गैस किल्लत का असर शहर के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ रहा है। स्थानीय रेस्टोरेंट संचालकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से एलपीजी सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है, जिससे भोजन तैयार करने में परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर घरेलू गैस बुकिंग भी प्रभावित बताई जा रही है। स्थानीय संतों और व्यापारियों का मानना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भोजन व्यवस्था में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई और अयोध्या की सेवा परंपरा तक महसूस किया जा रहा है।

Tags:    

Similar News