Jhansi: कृषि शिक्षा किसानों तक पहुंचाएं, तभी आत्मनिर्भर कृषि का सपना होगा साकार: डॉ. महेन्द्र सिंह
Jhansi News: पूर्व मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह ने झांसी के रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में कृषि शिक्षा को किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक गांवों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
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Jhansi News: रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व ग्रामीण विकास एवं जल शक्ति मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह ने विश्वविद्यालय का भ्रमण कर विभिन्न शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं वैज्ञानिकों के साथ संवाद स्थापित किया।इस अवसर पर उन्होंने कृषि शिक्षा को समाज और किसानों के जीवन से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों में अर्जित ज्ञान तभी सार्थक होगा, जब उसका लाभ गाँव-गाँव तक पहुँचे और किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय एवं उत्पादन में वृद्धि कर सकें।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि कृषि विज्ञान के विद्यार्थी भविष्य के कृषि दूत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने जनपदों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवास कर रहे किसानों के बीच जाकर आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, नवीन कृषि यंत्रों, वैज्ञानिक खेती, जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग की जानकारी साझा करें। इससे किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विस्तार कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय बुंदेलखण्ड क्षेत्र के कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहाँ विकसित की जा रही आधुनिक कृषि तकनीकें, उच्च गुणवत्ता वाले बीज एवं पौध, नवीन कृषि यंत्र तथा वैज्ञानिक अनुसंधान निश्चित रूप से क्षेत्र के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के सतत प्रयासों से बुंदेलखण्ड की कृषि और अधिक समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनेगी।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान गतिविधियों, किसान उन्मुख कार्यक्रमों, आधुनिक प्रयोगशालाओं तथा कृषि नवाचारों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और बुंदेलखण्ड की कृषि को नई दिशा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों एवं वैज्ञानिकों के साथ कृषि के समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श भी किया। इस अवसर पर निदेशक शोध डॉ. एसके चतुर्वेदी, निदेशक शिक्षा डॉ. अनिल कुमार, अधिष्ठाता कृषि डॉ. आरके सिंह, कुलसचिव डॉ. एसएस कुशवाह, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।