Jhansi News: रेलवे पुलिस और आरपीएफ का जागरूकता अभियान, ट्रेनों पर पत्थरबाजी को बताया गंभीर अपराध
Jhansi News: झांसी में रेलवे पुलिस और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से ग्रामीणों के साथ गोष्ठी कर ट्रेनों पर पत्थरबाजी और रेलवे ट्रैक सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया।
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Jhansi News: पुलिस अधीक्षक रेलवे विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि "ट्रेनों पर पत्थरबाजी न केवल अपराध है बल्कि यह यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ है। जागरुकता के माध्यम से हम युवाओं और बच्चों को इसके परिणामों के प्रति सचेत कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य रेल यात्रा को सुरक्षित और निर्बाध बनाना है। यह बात उन्होंने रेलवे ट्रैक सुरक्षा एवं पत्थरबाजी की घटना को रोकने हेतु संयुक्त गोष्ठी में कही है।
पुलिस महानिदेशक रेलवे लखनऊ एवं पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक रेलवे , की अध्यक्षता में एवं पुलिस उपाधीक्षक रेलवे, प्रभारी आरपीएफ पोस्ट बाँदा, थाना प्रभारी अतर्रा जनपद बाँदा व थानाध्यक्ष जीआरपी बाँदा के साथ ग्राम सिमरिया मृदहा के पंचायत भवन में रेलवे ट्रैक के किनारे ग्राम सिमरिया मृदहा व आस-पास के गाँवों के सम्भ्रान्त व्यक्तियों व महिलाओं एवं नौजवानों के साथ संयुक्त गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस गोष्ठी में रेलवे ट्रैक सुरक्षा एवं पत्थरबाजी की घटनाओं से होने वाली जनहानि से ग्रामीणों को जागरूक किया गया। घटना न घटित हो इसलिए ग्राम समिति को घटनायें रोकने हेतु निरन्तर प्रयास करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। संयुक्त गोष्ठी में रेलवे ट्रैक और पत्थरबाजी सम्बन्धित जागरुकता अभियान के तहत बताया कि ट्रेनों पर पत्थर फेंकना या रेलवे मार्ग को अवरुद्ध करना एक गम्भीर दण्डनीय अपराध है। इससे न केवल यात्रियों को गम्भीर चोट लग सकती है, बल्कि रेलवे सम्पत्ति को भी भारी नुकसान पहुँचता है।
अभियान के दौरान अनुभाग झाँसी में जीआरपी टीम द्वारा पूर्व में इस प्रकार की घटनाओं में संलिप्त रहे अभियुक्तों का भौतिक सत्यापन भी किया गया। पुलिस ने आम जनमानस से अपील की, यदि कोई भी व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध अवस्था में दिखे या पत्थरबाजी जैसी घटना करते पाया जाए, तो तत्काल जीआरपी हेल्पलाइन नम्बर- 1512 या यूपी 112 पर सूचित करें। साथ ही थानाध्यक्ष जीआरपी बाँदा को निर्देशित किया गया कि सम्भ्रांत व्यक्तियों तथा वालंटियरों की एक समिति बनाएं जिससे रेलवे ट्रैक की निगरानी होती रहे एवं जीआरपी, आरपीएफ व जिला पुलिस के साथ संयुक्त रूप से गश्त करें।