Lakhimpur Kheri News: विश्व युवा कौशल दिवस पर डीएम बोले, युवाओं की सफलता की असली पहचान
Lakhimpur Kheri News: विश्व युवा कौशल दिवस पर डीएम ने युवाओं से कौशल विकास पर जोर देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में केवल डिग्री नहीं, बल्कि हुनर और व्यावहारिक कौशल ही सफलता की वास्तविक पहचान बनेंगे।
Lakhimpur Kheri News(Photo-Social Media)
Lakhimpur Kheri News: "हुनर ही भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है।" इसी संदेश के साथ बुधवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का परिसर युवा ऊर्जा, नवाचार और रोजगार के उत्साह से सराबोर नजर आया। विश्व युवा कौशल दिवस पर आयोजित वृहद कार्यक्रम में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया और युवाओं के हुनर को नजदीक से परखा।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना तथा आईटीआई के प्रशिक्षार्थियों ने अपने नवाचार, मॉडल, तकनीकी परियोजनाओं और रोजगारपरक कौशल का आकर्षक प्रदर्शन किया। डीएम एक-एक स्टॉल पर पहुंचे, प्रशिक्षार्थियों से सीधे संवाद किया और उनके मॉडल व नवाचारों की कार्यप्रणाली समझी। युवाओं के आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच की उन्होंने खुलकर सराहना की। इस दौरान चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। नियुक्ति पत्र हाथ में मिलते ही कई युवाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर गया।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि आज का दौर केवल डिग्री का नहीं, बल्कि दक्षता और कौशल का है। बदलती तकनीक के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखने वाला युवा ही रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रशिक्षार्थियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण को केवल प्रमाणपत्र तक सीमित न रखें, बल्कि अपने कौशल को उत्कृष्टता की पहचान बनाएं। उन्होंने नवाचार की संस्कृति अपनाने और अपने हुनर के दम पर नए रोजगार सृजित करने का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम में नोडल प्रधानाचार्य नोडल प्रधानाचार्य आईटीआई पी.के. शाक्यवार ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों से जोड़कर व्यावहारिक अनुभव, रोजगार के अवसर और स्वरोजगार के लिए आवश्यक कौशल उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं से इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने करियर को नई दिशा देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य पॉलीटेक्निक सियाराम, प्रधानाचार्य निघासन विनोद कुमार, आईटीआई लखीमपुर के कार्यदेशक अवधेश कुमार, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के एमआईएस मैनेजर रोहित त्रिपाठी, चंदन सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मंगला प्रसाद त्रिवेदी सहित संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थी मौजूद रहे।