लखनऊ हाईकोर्ट से अखिलेश यादव के जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट को राहत, बंगला खाली कराने के आदेश पर लगाई रोक

Lucknow News: लखनऊ खंडपीठ ने जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट को आवंटित बंगला नंबर 7 विक्रमादित्य मार्ग को खाली कराने के आदेश पर रोक लगा दी है। यह बंगला 30 जनवरी 2017 को 72 हजार रुपए मासिक किराए पर आवंटित किया गया था। आवंटन की शुरुआत में अवधि 5 साल तय की गई थी।

Update:2025-07-23 19:02 IST

Janeshwar Mishra Trust Bungalow Case (Photo: Social Media)

Lucknow News: राजधानी लखनऊ में स्थित जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने ट्रस्ट को आवंटित बंगला नंबर 7 विक्रमादित्य मार्ग को खाली कराने के आदेश पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मनीष कुमार की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल बंगला खाली कराने की कार्रवाई पर रोक रहेगी।

10 साल के लिए बंगला आवंटन

जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट को यह बंगला 30 जनवरी 2017 को 72 हजार रुपए मासिक किराए पर आवंटित किया गया था। आवंटन की शुरुआत में अवधि 5 साल तय की गई थी, जिसे बाद में संपत्ति विभाग ने अपने विनियमों के तहत बढ़ाकर 10 साल कर दिया था। ट्रस्ट की ओर से दायर याचिका में बंगले के आवंटन को नियमों के तहत बताते हुए उसे निरस्त करने या खाली कराने की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से ट्रस्ट को फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है।

यह संशोधन पूर्वप्रभावी नहीं

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2021 में नियम संशोधन कर आवंटन की अवधि 5 साल से अधिक नहीं करने का प्रावधान किया था। इसी आधार पर बंगले का आवंटन 2 जनवरी 2022 को समाप्त हो गया। लेकिन ट्रस्ट का तर्क है कि इस संशोधन को पूर्वप्रभावी नहीं माना जा सकता है। कोर्ट ने सरकार ये पूछा है कि जब आवंटन अवधि जनवरी 2022 में समाप्त हो गई थी, तो उसके बाद भी बंगले का किराया क्यों लिया जाता रहा ? कोर्ट ने सरकार को जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।

क्या है जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट

जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्रा "छोटे लोहिया" की विचारधारा और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए बनाया गया था। जनेश्वर मिश्रा एक समाजवादी राजनेता थे, जिन्होंने समाजवाद और लोकतंत्र के लिए जीवनभर संघर्ष किया था। जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के अध्यक्ष पूर्व सीएम अखिलेश यादव हैं। जबकि समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी उपाध्यक्ष हैं। इसके अलावा सुनील यादव साजन, नईमुल हसन और सांसद धर्मेद्र यादव, भगवती सिंह और नारद राय आदि ट्रस्ट के एक्टिव मेंबर हैं।

अखिलेश की ब्रेंडिंग पर काम

यह ट्रस्ट समाजवादी पार्टी की गतिविधियों और विचारों को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। एक समय पर समाजवादी पार्टी से निष्कासित अखिलेश ने ट्रस्ट का नए सिरे से गठन किया था। उसके बाद सात बंदरिया बाग स्थित बंगले में जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट का दफ्तर शुरू किया गया था। यहीं से अखिलेश यादव की टीम चुनावी संचालन और सीएम अखिलेश यादव की ब्रेंडिंग पर काम करती है। यह दफ्तर समाजवादी पार्टी मुख्यालय के पीछे है। उस समय अखिलेश को लोगों का पार्टी कार्यालय में जाने पर प्रतिबंध था।

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