KGMU के सभी हॉस्टलों में Non-Veg पर रोक! राज्यपाल की टिप्पणी के बाद प्रशासन का बड़ा फैसला
KGMU Bans Non-Veg Food in All Hostel: यह निर्णय विश्वविद्यालय के 22वें दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा मेस व्यवस्था पर जताई गई चिंता के बाद लिया गया है।
KGMU Bans Non-Veg Food in All Hostel
KGMU Bans Non-Veg Food in All Hostel: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने अपने सभी छात्रावासों की मेस में नॉनवेज भोजन बनाने और परोसने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब विश्वविद्यालय के सभी 18 हॉस्टलों की मेस में सिर्फ शाकाहारी भोजन ही उपलब्ध कराया जाएगा। यह निर्णय विश्वविद्यालय के 22वें दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा मेस व्यवस्था पर जताई गई चिंता के बाद लिया गया है।
जांच में यह आया सामने
दरअसल, दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बताया कि राजभवन की टीम ने हाल ही में KGMU के छात्रावासों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कुछ हॉस्टलों की मेस में नॉनवेज भोजन तैयार किया जाता मिला। इसके अलावा जांच में यह भी पाया गया कि कुछ स्थानों पर ऐसे मसालों का प्रयोग किया जा रहा था जिनकी एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी थी।
राज्यपाल ने इस पर नाराजगी जताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को मेस व्यवस्था में सुधार करने, भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और छात्रों को सुरक्षित एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के आदेश दिए। इसके बाद KGMU प्रशासन ने सभी हॉस्टलों की मेस में नॉनवेज भोजन बनाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय किया।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. के.के. सिंह ने बताया कि इस संबंध में सभी छात्रावासों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब किसी भी हॉस्टल की मेस में नॉनवेज भोजन तैयार या परोसा नहीं जाएगा।
हालांकि, प्रशासन ने छात्रों की व्यक्तिगत खान-पान की स्वतंत्रता पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है। यदि कोई छात्र नॉनवेज भोजन करना चाहता है, तो वह हॉस्टल परिसर के बाहर जाकर या बाहर से मंगाकर उसका सेवन कर सकता है। यह प्रतिबंध केवल छात्रावासों की मेस तक सीमित रहेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाना है, ताकि सभी छात्रों को सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।