लखनऊ में 'आई लव मोहम्मद' पर छिड़ा 'पोस्टर विवाद'! सड़क के बीचोबीच मौलवीगंज इलाके में दिखा विशाल पोस्टर
लखनऊ के मौलवीगंज इलाके में 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर को लेकर सड़कों पर नया विवाद खड़ा हो गया। यह पोस्टर पिछले प्रदर्शन का जवाब माना जा रहा है और धार्मिक-सियासी माहौल में गर्मागर्मी बढ़ा रहा है।
Photo Credit: Ashutosh Tripathi
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में 'आई लव मोहम्मद' से जुड़ा विवाद अब तेजी से सियासी और धार्मिक रंग लेता जा रहा है। कानपुर से शुरू हुई यह चिंगारी अब लखनऊ तक पहुंच गई है जहां आए दिन नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। मंगलवार को जहां मुस्लिम महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर 'जय श्री राम' और 'आई लव मोहम्मद' के अधिकारों को लेकर सवाल उठाए थे वहीं बुधवार को लखनऊ के मौलवीगंज इलाके में बीच सड़क पर एक विशाल पोस्टर लगाकर इस विवाद को और हवा दे दी गई है। यह पोस्टर जिस पर 'आई लव मोहम्मद' लिखा हुआ था एक बड़ी सियासी हलचल की ओर इशारा कर रहा है।
लखनऊ में 'पोस्टर युद्ध' का नया अध्याय
यह पोस्टर कब और किसने लगाया इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है लेकिन इसने शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस कदम को मंगलवार को हुए प्रदर्शन का सीधा जवाब माना जा रहा है और यह भी कि यह विवाद अब सोशल मीडिया और गलियों से निकलकर सड़कों पर आ गया है। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पोस्टर के पीछे कौन है और इसका मकसद क्या है।
धार्मिक और सियासी माहौल में गर्मागर्मी
मंगलवार को लखनऊ में हुई घटना ने पहले ही माहौल को गरमा दिया था। प्रदर्शनकारी मुस्लिम महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी कर रही थीं और सवाल उठा रही थीं कि अगर इस देश में 'जय श्री राम' बोलने का अधिकार है तो 'आई लव मोहम्मद' क्यों नहीं बोल सकते? उन्होंने कहा था कि यह देश संविधान से चलेगा या 'गुंडागर्दी' से। इसी गर्मागर्मी के बीच अब यह नया पोस्टर सामने आया है जो इस पूरे विवाद को एक नई दिशा दे सकता है। यह विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों पक्षों की तरफ से हो रही बयानबाजी और प्रदर्शन से ऐसा लग रहा है कि आने वाले दिनों में यह एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। सियासी दल भी इस मामले पर अपनी-अपनी रोटियां सेंक रहे हैं जिससे धार्मिक माहौल में और भी ज्यादा तनाव बढ़ने की संभावना है। यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस 'पोस्टर युद्ध' को कैसे नियंत्रित करता है और क्या यह विवाद और भी बड़ा रूप लेगा।